झुमरीतिलैया : लड्डू गोपाल सेवा ट्रस्ट व अग्रवाल समाज झुमरीतिलैया द्वारा आयोजित भागवत कथा के सातवें व अंतिम दिन कथा व्यास यशोदानंद जी महाराज ने बताया कि श्री कृष्ण सुदामा की मित्रता अद्वितीय थी.
जहां सुदामा एक संतुष्ट ब्राह्मण थे. प्रभु ने उनकी भक्ति और मित्रता से वशीभूत हो कर दो लोक की सुख और संपत्ति उनके नाम कर दी. सुदामा ने उस संपत्ति को प्राप्त करने के बाद भी संपत्ति का उपयोग धर्म के कार्यों में किया. उक्त प्रसंग को बताते हुए श्री व्यास जी ने कहा कि महर्षि सुकदेव ने सात दिन भागवत सुना कर राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति करायी थी. कथा समाप्ति के बाद 551 थालियों से भागवान श्री कृष्ण की आरती उतारी गयी.
यशोदानंद जी ने बताया कि वे वृंदावन के रहने वाले हैं और उनका मकसद पूरा भारत भ्रमण कर हिंदू समाज को एक करना, जातीय भेद-भाव को दूर करना, भारतीय संस्कृति को जीवित रखना व आपसी मन-मुटाव को दूर करना है, ताकि पूरे विश्व भर में हमारे देश का नाम हो.
क्योंकि देश को सुरक्षित रहने से ही धर्म सुरक्षित रह सकेगा. आधुनिक जीवन शैली में लोगों के दिलों में कटुता भरी हुई है. अभी की पीढ़ियां धर्म को तो जानते हैं, लेकिन मानते नहीं. जबकि अपनी शक्ति का सदुपयोग धार्मिक कार्यों में करना चाहिए. कहा कि संस्कार से कटुता को दूर किया जा सकता है. मौके पर दीन दयाल केडिया, प्रदीप केडिया, मुकेश भालोटिया, मनीष पेडीवाल, महेश दारुका, गोपाल चौधरी, अजय अग्रवाल, संजय अग्रवाल, आयुष पोद्दार, विपुल चौधरी समेत हजारों महिला पुरुष उपस्थित थे.
