कोडरमा : जिले में अधिकारी अपने तौर तरीके से काम कर रहे हैं. कई बार तो विभागीय अधिकारी उपायुक्त के आदेश पर भी अमल करना जरूरी नहीं समझते हैं. कुछ इसी तरह की बता सामने आ रही है खराब अंडा खाने से बीमार हुए बच्चों के मामले में.
15 जुलाई को खराब अंडा खाने से उत्क्रमित मध्य विद्यालय तिलैया बस्ती के करीब 150 बच्चे बीमार हुए थे.
तत्काल कार्रवाई के नाम पर ग्राशिस अध्यक्ष व संयोजिका को हटा दिया गया, लेकिन इस मामले में लापरवाही किसके स्तर से बरती गयी और इसके लिए कौन जिम्मेवार है, इसका निर्धारण आज तक विभागीय अधिकारी नहीं कर पाये हैं. यही कारण है कि घटना के 15 दिन बाद भी तिलैया थाना में प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी जा सकी है, जबकि डीसी ने तत्काल मामला दर्ज कराने का निर्देश दिया था. घटना के बाद एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार व डीएसइ पीवी शाही की संयुक्त टीम ने जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपते हुए अंडे का सैंपल जांच के लिए नामकुम रांची स्थित लैब भेजे जाने की बात कही थी,
पर आज तक अंडे के सैंपल की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी है. इस मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने की जानकारी मिलने पर उपायुक्त छवि रंजन ने गुरुवार को डीएसइ पीवी शाही को फटकार लगायी. डीएसइ ने इस संबंध में बीइइओ को जिम्मेवारी दिये जाने की बात कही, तो उपायुक्त ने कहा कि अगर आज केस नहीं होता है, तो बीइइओ से कारण पूछा जाये.
