डीसी के आदेश पर बीडीओ व कार्यपालक दंडाधिकारी ने की छापामारी, कार्य अवधि में

कोडरमा : जिले में डॉक्टरों की लापरवाही व मनमानी पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है. बुधवार को डीसी छवि रंजन के आदेश पर एक निजी क्लिनिक पर छापामारी की गयी. डॉक्टरों द्वारा सरकारी अस्पतालों में न बैठ कर निजी प्रैक्टिस करने की बातें तो अक्सर सामने आती रही है. डीसी ने इस मनमानी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 19, 2015 6:33 AM
कोडरमा : जिले में डॉक्टरों की लापरवाही व मनमानी पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है. बुधवार को डीसी छवि रंजन के आदेश पर एक निजी क्लिनिक पर छापामारी की गयी. डॉक्टरों द्वारा सरकारी अस्पतालों में न बैठ कर निजी प्रैक्टिस करने की बातें तो अक्सर सामने आती रही है. डीसी ने इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है.
डीसी के आदेश पर झुमरीतिलैया स्थित डॉक्टर गली के उमा मेडिकल के पास पहुंचे बीडीओ प्रभाष कुमार दत्ता व कार्यपालक दंडाधिकारी कमलेंद्र कुमार सिन्हा ने मरकच्चो के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सेठ को निजी प्रैक्टिस करते पकड़ा.
अधिकारियों के पहुंचने ही डॉक्टर अजय तिलमिला उठे और बोले हमें पता था यही होगा. अधिकारियों ने ड्यूटी आवर में निजी प्रैक्टिस करने का कारण पूछा, तो बोले सीएल पर हूं. जब उनसे पूछा गया कि सीएल किन से लिया, तो उन्होंने कहा कि सीएस डॉ एसएन तिवारी को फोन पर मौखिक रूप से सूचना दी है. अधिकारियों ने यहां देखा कि इलाज के लिए मरीजों की लंबी कतार लगी है. डॉ अजय ने खुद के बीमार होने की बात कही.
भगवान की दया से सब कुछ है : डॉ अजय ने अधिकारियों के सामने ही सरकार व व्यवस्था के खिलाफ भड़ास निकालनी शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि नौकरी से क्या मिलता है. भगवान की दया से मेरे पास सब कुछ है. अब आर-पार की लड़ाई होगी. उन्होंने अन्य डॉक्टरों को फोन कर वहां बुला लिया. हालांकि इन डॉक्टरों ने डॉ अजय को समझाने का प्रयास किया.
डॉ अजय से कई बार मांगा जा चुका है स्पष्टीकरण
डॉ अजय कुमार का सरकारी अस्पताल से गायब रहने का यह कोई नया मामला नहीं है. इसके पूर्व भी कई बार उन्हें गैरहाजिर रहने पर सीएस, डीडीसी, बीडीओ आदि ने कार्रवाई करते हुए स्पष्टीकरण मांगा था. फिर कोई सुधार नहीं हुआ. बीते दिन सदर अस्पताल में सतगावां के एक मरीज की चिकित्सा व एंबुलेंस के अभाव में हुई मौत के बाद डीएस डॉ बीपी सिन्हा व डॉ रमण पर कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है. इसके बाद से डॉक्टर एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ खड़े हो रहे हैं.
इस संबंध में डीसी छवि रंजन ने कहा कि सरकारी डॉक्टर अस्पताल में नहीं रहते. मरकच्चो के अस्पताल में डॉक्टर के नहीं रहने की सूचना मिली, तो बीडीओ व अन्य को भेजा. रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को अवगत कराया जायेगा. ऐसे डॉक्टरों पर हर हाल में कार्रवाई होगी.