आंखें नहीं ठहरती हैं दिलकश नजारे पर

बलखाती नदियां, कलकल बहते झरने व मनोरम डैम सब हैं तैयार नये वर्ष के एहतराम के लिए कोडरमा बाजार : ध्वजाधारीधाम : प्राकृतिक सौंदर्य व आस्था का अनूठा पुट नव वर्ष का मौका हो और ध्वजाधारीधाम की चर्चा न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. जिला मुख्यालय से सटे फुलवरिया जंगल में स्थित धवजाधारी धाम […]

बलखाती नदियां, कलकल बहते झरने व मनोरम डैम सब हैं तैयार नये वर्ष के एहतराम के लिए
कोडरमा बाजार : ध्वजाधारीधाम : प्राकृतिक सौंदर्य व आस्था का अनूठा पुट नव वर्ष का मौका हो और ध्वजाधारीधाम की चर्चा न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. जिला मुख्यालय से सटे फुलवरिया जंगल में स्थित धवजाधारी धाम है. यहां लोग पिकनिक मनाने के साथ-साथ महादेव समेत अन्य देवी देवताओं के दर्शन कर नववर्ष की मंगल कामना कर सकते हैं. इस धाम में सिर्फ शाकाहारी व्यंजनों का ही आनंद लिया जा सकता है. यहां 777 सीढ़ियां चढ़ कर ध्वजाधारी पहाड़ की चोटी पर भगवान शिव-पार्वती का दर्शन करने के साथ-साथ जंगल का भी दर्शन कर सकते हैं.
कैसे पहुंचें यहां : ध्वजाधारी धाम पहुंचने के लिए रेलवे स्टेशन से ऑटो लेकर जाया जा सकता है. इसके अलावा सड़क मार्ग से आने पर जिला मुख्यालय में उतरना पड़ेगा. रेलवे स्टेशन से धाम की दूरी आठ व जिला मुख्यालय से डेढ़ किलोमीटर है.
क्या न करें : पिकनिक के दौरान मांसाहारी भोजन यहां वजिर्त है. बंदरों को न छेड़ें.
तिलैया डैम : प्रकृति की सुंदरता का अजब नजारा
तिलैया डैम किसी परिचय का मोहताज नहीं है. जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर और कोडरमा रेलवे स्टेशन से 13 किलोमीटर दूर दामोदर नदी के उत्तरी छोर पर स्थित है यह डैम. पिकनिक प्रेमी यहां पिकनिक के साथ-साथ यहां बोटिंग का भी आनंद ले सकते हैं. इसके अलावा यहां विशाल जलकुंड के बीच बेहतरीन पिकनिक स्पॉट चेचरो पार्क, जवाहर घाट, नेहरू पार्क भी दर्शनीय है. यहां से कुछ ही दूरी पर सैनिक स्कूल है.
कैसे पहुंचें : रेलवे स्टेशन से ऑटो या फिर कोई भी सवारी गाड़ी से पहुंचा जा सकता है. इसके अलावा चंदवारा के उरवां मोड़ से भी यहां पहुंच सकते हैं.
क्या न करें : बिना सेफ्टी जैकेट के बोटिंग न करें, गहरे पानी में न उतरें.
वृंदाहा में है कश्मीर सा नजारा
यदि कश्मीर जैसी खूबसूरत वादियों का आनंद लेना हो, तो वृंदाहा सबसे बेहतर है. बीचोंबीच जंगल में स्थित वृंदाहा फॉल है. यदि आप एडवेंचर के साथ पिकनिक मनाना चाहते हैं, तो वृंदाहा सर्वथा उचित है. यहां पहुंचने के लिए कच्ची सड़क से होकर गुजरना पड़ता है, जो फॉल स्थल से करीब एक किलोमीटर पहले ही समाप्त हो जातीहै. बाकी सफर थोड़ी कठिनाई से भरा है. पहुंच मार्ग : रेलवे स्टेशन से ऑटो या फिर सड़क मार्ग से यहां पहुंच सकते हैं.
क्या न करें : वृंदाहा फॉल से एक किलोमीटर पूर्व दुर्गम रास्ता है. अत: बच्चों को साथ न लायें, तो बेहतर है. देर शाम तक यहां न रहें.
सतगांवा में है पेट्रो जल प्रपात
सतगांवा प्रखंड मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर घनघोर जंगल में पेट्रो जल प्रपात है. जिले के सबसे ऊंचे महावत पहाड़ से अनोखी शैल श्रृंखलाओं के बीच से लगभग 500 फीट ऊपर से पानी गिरता है. यहां कई स्वनिर्मित जल कुंड हैं. इसके अलावा भालू, हाथी, मोर, नील गाय समेत कई जंगली जानवरों को भी यहां देखा जा सकता है.
पहुंच मार्ग : जिला मुख्यालय से या फिर प्रखंड मुख्यालय से सवारी गाड़ी लेकर यहां पहुंचा जा सकता है. बिहार राज्य के रजाैली से भी यहां पहुंचा जा सकता है.
क्या न करें : देर शाम तक न ठहरें. यहां पिकनिक मनाने अकेले न जायें.
मां चंचला धाम
शक्तिपीठ मां चंचला धाम भी जिले के पिकनिक स्पॉट में से एक है. घने जंगलों में पहाड़ पर स्थित यह घाम अपने अंदर कई अलौकिक शक्तियों को समेटे हुए है. कोडरमा-गिरिडीह मार्ग के कानी केंद्र मोड़ से सात किलोमीटर दूर है यह धाम. पिकनिक प्रेमी पिकनिक मनाने के साथ-साथ देवी का आशीर्वाद भी ले सकते हैं.
पहुंच मार्ग : कोडरमा से कोई भी सवारी गाड़ी से या गिरिडीह की ओर से भी यहां पहुंचा जा सकता है. कोडरमा से यहां की दूरी 30 किलोमीटर है.
क्या न करें : यहां के भौरों को न छेड़ें, वरना मुसीबत में पड़ सकते हैं.
ये भी हैं पिकनिक स्पॉट : इसके अलावा जिले में फुलवरिया जंगल, ललकापानी, करमाधाम, झरनाकुंड, डंगरा पहाड़, डुमरियाटांड, दिबौर घाटी भी पिकनिक स्पॉट के नाम से विख्यात हैं. यहां भी घूमने आ सकते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >