कोडरमा : कोडरमा विस क्षेत्र में इस बार जनता ने भाजपा की डॉ नीरा यादव को जिस तरह साथ दिया है. डॉ नीरा के समक्ष जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती होगी. अब तक मूलभूत सुविधाओं से जूझ रही कई इलाकों में जूझ रही जनता के सपनों व उम्मीदों को पंख लगे हैं. इन उम्मीदों को पूरा करना भाजपा के लिए चुनौती होगी. चाहे शहर में जलापूर्ति योजना को पूरी तरह शुरू कर लोगों के घर में पानी पहुंचाने की बात हो या बिजली की कमी. इस बार के चुनाव में जिले में पीजी की पढ़ाई नहीं होने का मुद्दा भाजपा ने उछाला है. भाजपा को अब यहां के बच्चों को पीजी की शिक्षा उपलब्ध करवाना होगा. इसके साथ बदहाल सदर अस्पताल कोडरमा व करमा अस्पताल की दुर्दशा को सुधारना भी जनता की उम्मीदों में शामिल हैं. पहले अभ्रक उद्योग व बाद में पत्थर उद्योग के लिए प्रतिष्ठित डोमचांच को औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा दिलाने की मांग भी चुनाव में उठी थी. भाजपा को इससे पहले कितना मिला था मत: 2009 के चुनाव की बात करें, तो उस समय भाजपा प्रत्याशी विजय कुमार साव को 27, 654 मत मिले थे, जबकि राजद की अन्नपूर्णा को 46,922 व झाविमो के रमेश सिंह को 29, 639 मत. वर्ष 2005 में भाजपा की लालसा सिंह को 19, 805 व राजद की अन्नपूर्णा को 46, 452 मत प्राप्त हुए थे. दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय साजिद हुसैन लल्लू को 19,998 मत मिले थे. इस बार के चुनाव में झाविमो के साजिद हुसैन लल्लू व जिप अध्यक्ष महेश राय चुनाव से पहले पार्टी छोड़ भाजपा को समर्थन देने की घोषणा कर दी. यह फैक्टर भी भाजपा के पक्ष में गया.
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना भाजपा की चुनौती
कोडरमा : कोडरमा विस क्षेत्र में इस बार जनता ने भाजपा की डॉ नीरा यादव को जिस तरह साथ दिया है. डॉ नीरा के समक्ष जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती होगी. अब तक मूलभूत सुविधाओं से जूझ रही कई इलाकों में जूझ रही जनता के सपनों व उम्मीदों को पंख लगे हैं. […]
