200 ट्रक रोजाना जा रहे बिहार

विकास कोडरमा : झारखंड की राजधानी रांची में भले ही निर्माण कार्य के लिए स्टोन चिप्स उपलब्ध हो या नहीं, पर पत्थर उद्योग के लिए प्रसिद्ध कोडरमा से रोजाना 200 से अधिक स्टोन चिप्स लदे ट्रक बिहार जा रहे हैं. इन ट्रकों में से कई के पास तो वैध चालान भी नहीं होता, पर ये […]

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कोडरमा : झारखंड की राजधानी रांची में भले ही निर्माण कार्य के लिए स्टोन चिप्स उपलब्ध हो या नहीं, पर पत्थर उद्योग के लिए प्रसिद्ध कोडरमा से रोजाना 200 से अधिक स्टोन चिप्स लदे ट्रक बिहार जा रहे हैं. इन ट्रकों में से कई के पास तो वैध चालान भी नहीं होता, पर ये बेरोक टोक या सेटिंग के आधार पर पड़ोसी राज्य में पहुंच रहे हैं. इस कार्य से एक तो लोगों को खुद के राज्य में महंगा स्टोन चिप्स लेना पड़ रहा है, वहीं राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
बुधवार को प्रभात खबर की टीम जब स्टोन चिप्स के कारोबार को जानने के लिए निकली, तो एक अलग सच्चाई से रूबरू हुई. टीम ने देखा कि जिस परिवहन विभाग के अस्थायी चेक पोस्ट पर अवैध ट्रकों की आवाजाही रोकने की जिम्मेवारी है, वह बंद है. यहां न तो कोई कर्मी मिला और न ही पुलिस के जवान. अमूमन इस जगह पर परिवहन विभाग की ओर से नियुक्त एक कर्मी की मौजूदगी में ट्रकों की आवाजाही व राजस्व वसूली का काम होता है, पर बुधवार को यहां सन्नाटा था. परिवहन विभाग से जानकारी मिली कि एक ही कर्मी की प्रतिनियुक्ति होने के कारण ऐसी समस्या आयी है.
दर असल यहां प्रतिनियुक्त कर्मी सुनील कुमार रांची में चल रही बैठक में शामिल होने के लिए गये थे. ऐसे में यहां वाहनों की जांच का काम रोकना पड़ा. इससे पहले इस चेक पोस्ट पर दो कर्मियों की नियुक्ति थी. हाल ही में एक का तबादला धनबाद में हुआ है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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