अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने सुनाई सजा कोडरमा. दहेज के लिए पत्नी की गला दबा कर हत्या किये जाने के एक मामले की सुनवाई की गयी. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी पति मोनू कुमार (पिता रामचंद्र राम, निवासी महेशपुर डोमचांच) को 304बी आइपीसी के तहत दोषी पाते हुए 15 साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. जानकारी के अनुसार, मामला 17 सितंबर 2023 का है. घटना को लेकर मृतका की मां आशा देवी ने डोमचांच थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. आवेदन में आशा देवी ने कहा था कि 17 सितंबर 2023 को 12 से एक बजे के बीच में बेटी ने उन्हें फोन कर कहा कि मुझे बचा लो. उसके कुछ देर के बाद ही उन्हें सूचना मिली कि उनकी पुत्री की गला दबाकर हत्या कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि उनकी पुत्री दुर्गा कुमारी की हत्या उसके पति एवं ससुराल वालों ने एक बाइक के लिए मिलकर कर दी. पुत्री से लगातार गाली-गलौज एवं मारपीट की जाती थी. मामला अदालत में आने के बाद अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया. इस दौरान सभी 10 गवाहों का परीक्षण कराया गया. लोक अभियोजक ने न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया, वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता तरुण कुमार मोनिका ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया. अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्त को सजा सुनायी.
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