बस में पहले से ही सवार थे लुटेरे

बस को अगवा कर यात्रा ियों से लाखों की लूट... कोडरमा : मंगलवार की रात आठ बजे जब बिहारशरीफ से बंगाल टाइगर नाम की यात्री बस चली थी, तो शायद यह किसी को आभास नहीं होगा कि तीन घंटे बाद सभी लुटने वाले हैं. रात के 11 बजे बस चाराडीह स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंची. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 17, 2014 1:31 AM

बस को अगवा कर यात्रा ियों से लाखों की लूट

कोडरमा : मंगलवार की रात आठ बजे जब बिहारशरीफ से बंगाल टाइगर नाम की यात्री बस चली थी, तो शायद यह किसी को आभास नहीं होगा कि तीन घंटे बाद सभी लुटने वाले हैं. रात के 11 बजे बस चाराडीह स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंची. यहां चालक ने तेल भरवाया. इसके बाद बदमाशों ने यात्रियों पर धावा बोल दिया. लुटेरे बाहर से नहीं आये, बल्कि वे बस में पहले से ही यात्री बन कर सवार थे.

लुटेरों की संख्या 10-12 थी. ऐसे में उन्होंने बड़े आराम से चालक को कब्जे में लिया और गाड़ी को तीन किलोमीटर तक रांची-पटना रोड पर ले जाने के बाद साईं आयरन फैक्टरी के पास से गाड़ी को पुल के नीचे से ले गये. रात में इस रोड में एक भी वाहन नहीं चलता है. लुटेरों को पूरे रास्ते की जानकारी थी. बस को जंगल एरिया में ले जाकर यात्रा ियों से लूटपाट की. इधर, पूरी घटना में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं कि आखिर इतनी बड़ी घटना होने के बाद पुलिस ने घायल चालक व यात्रियों को आनन-फानन में रवाना क्यों कर दिया.

बड़े व्यक्ति को कमांडर बोल रहे थे लुटेरे : चालक की मानें तो बस में 10-12 अपराधियों में से सभी की उम्र 20 से 30 वर्ष की थी. सिर्फ एक लुटेरे की उम्र 45 वर्ष के आस-पास होगी, जिसे सभी लुटेरे कमांडर कह कर बुला रहे थे. सभी हिंदी भाषा का प्रयोग कर रहे थे. लुटेरों ने बस के अंदर भी गोली चलायी. इसके बाद बस में लगी एसी ने काम करना बंद कर दिया.

काम हो गया है, गाड़ी भेजो : लुटेरे घटना की योजना पूर्व में ही बना चुके थे. लुटेरों ने लूटपाट करने के बाद किसी को फोन किया और कहा कि काम हो गया है, गाड़ी भेजो. कुछ दूर पैदल गये और यात्रियों को चेतावनी दी कि अभी वापस मत जाना. आधा घंटा बाद जब चालक बस लेकर जंगल से लौट रहा था, तो रास्ते में सफेद रंग की बोलरो पर लुटेरे सवार थे. गाड़ी के अंदर से फायरिंग भी की गयी.

अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ : लुटेरों ने जिस तरह से एक ही रात बस को अगवा किया और कोडरमा घाटी में वाहनों से लूटपाट की, इसमें अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ होने की आशंका है. एएसपी नौशाद आलम ने बताया कि अपराधी संभवत: नवादा व अन्य जगहों से चढ़े व घटना को अंजाम देने के बाद उधर ही फरार हो गये. ज्ञात हो कि इसी महीने के पहले सप्ताह में कोडरमा स्टेशन से चढ़े लुटेरों के गिरोह ने रांची-पटना जन शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों को बंधक बना कर लूट की थी.

लगातार बढ़ रही है आपराधिक घटनाएं : कोडरमा जिले में लूटपाट की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी कई बार लूटपाट की घटना हो चुकी है, पर पुलिस कोई विशेष सफलता हासिल नहीं कर पायी है. आठ जुलाई की रात को ही अपराधियों ने जयनगर के कंझि याडीह में पांच घरों में डकैती की थी. विरोध करने पर महिला को गोली मार कर हत्या कर दी थी. इस मामले में आज तक पुलिस के हाथ विशेष सफलता नहीं लगी. इसी महीने में दो सेल्स मैन से कोडरमा थाना क्षेत्र में लूटपाट हुई.

अपराधियों की धर पकड़ के लिए दो टीमें गठित : एक ही रात यात्री वाहनों से लाखों की लूट के बाद एसपी संगीता कुमारी ने अपराधियों को पकड़ने के लिए एएसपी नौशाद आलम व हेडक्वार्टर डीएसपी हरिलाल यादव के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीम का गठन किया है. इस टीम में कोडरमा थाना प्रभारी शिवनाथ प्रसाद, तिलैया थाना प्रभारी केपी यादव व डोमचांच थाना प्रभारी नरेश कुमार भी शामिल हैं.