गड़्ढे में दिखी थी उंगली, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जमीन खोद कर निकाला गया शव

मुरहू थाना क्षेत्र के इठ्ठे गांव में सीनू पूर्ति हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है.

खूंटी. मुरहू थाना क्षेत्र के इठ्ठे गांव में सीनू पूर्ति हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है. सीनू पूर्ति की हत्या बदले की नीयत से की गयी थी. उसके हत्या के आरोप में पुलिस ने इठ्ठे मुंडाटोली निवासी मंगरा मुंडा उर्फ दसाय मुंडा, किनु पूर्ति उर्फ डाढा और सोम मुंडा उर्फ महादेव मुंडा को गिरफ्तार किया है. वहीं हत्या में प्रयुक्त कुदाल को भी बरामद किया गया. इसकी जानकारी सोमवार को एसपी मनीष टोप्पो ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी. उन्होंने बताया कि एक दिसंबर को सीनू पूर्ति अपनी बाइक से सेरेंगडीह निवासी सुम्बर भेंगरा के साथ घर से निकला था. इसके बाद वह वापस नहीं लौटा. तीन दिसंबर को इठ्ठे के सड़गीगढ़ा में एक गड्ढे में पैर की उंगलियां नजर आयी. जिसके बाद दंडाधिकारी की उपस्थिति में गड्ढे को खोदा गया. जिसमें सीनू पूर्ति का शव बरामद किया गया. उसका सिर और धड़ अलग-अलग गड्ढे खोद कर दफना दिया गया था. पुलिस ने उसकी हत्या के आरोप में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. तीनों आरोपियों को सोमवार को जेल भेज दिया गया. उनकी गिरफ्तारी में एसडीपीओ वरुण रजक, इंस्पेक्टर किशुन दास, मुरहू थाना प्रभारी नायल गोडविन केरकेट्टा, पुअनि अरविंद कुमार, जितेंद्र राम और कंचन कुमार कुशवाहा तथा सशस्त्र बल शामिल थे.

कानु मुंडा की हत्या के प्रतिशोध में हुई सीनू की हत्या

वर्ष 2022 में सीनू पूर्ति ने अपने भाइयों के साथ मिल कर चचेरे भाई कानू मुंडा का अपहरण कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी. उन्होंने कानू मुंडा की तपकरा थाना क्षेत्र के कुमांग-गोपला के पास जंगल में सर को धड़ से अलग कर हत्या कर दी थी. इसके बाद धड़ को वहीं दफना दिया था और सिर को 15 किलोमीटर दूर मुरहू थाना क्षेत्र के दुलुवा टोंगरी में दफना दिया था. हत्या के पूर्व उसके साथ मारपीट की गयी थी. उक्त हत्याकांड में सीनू पूर्ति और उसके साथ-साथ सागर मुंडा, अनमोल टूटी, जयमसीह ओड़ेया, अमरजीत पूर्ति और एक महिला जेल गयी थी. सीनू पूर्ति कुछ समय पहले जेल से निकला था. इसके बाद ठीक एक दिसंबर को ही सीनू की भी हत्या कर दी गयी. हत्या का पैटर्न भी उसी तरह रखा गया. कानू मुंडा की तरह ही पहले सीनू का भी सिर धड़ से अलग कर दफना दिया गया. आरोपियों ने कुदाल से हत्याकांड को अंजाम दिया फिर उसी कुदाल से गड्ढा कर शव को दफना दिया. पूरे हत्याकांड के पीछे जमीन विवाद है. जमीन विवाद में पहले कानू मुंडा की हत्या की गयी. इसके बाद प्रतिशोध में सीनू पूर्ति को मौत के घाट उतार दिया गया.

पहले मारपीट की फिर हत्या कर शव दफना दिया

प्रेस कांफ्रेंस में एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि सीनू पूर्ति एक दिसंबर को सेरेंगडीह निवासी सुम्बर भेंगरा के साथ पल्सर बाइक से घर से निकला था. इसके बाद वह वापस नहीं लौटा. शाम में सीनू की बहन ने उसके मोबाइल में फोन किया, तो उसने बताया कि वह अपने चाचा मंगरा मुंडा के घर पर है. जहां सुम्बर भेंगरा और उसका भाई सुनील भेंगरा सभी मिल कर मारपीट कर रहे हैं. इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया. इस संबंध में पुलिस ने मंगरा मुंडा, सुनील भेंगरा, सुम्बर भेंगरा के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है.

सीनू पूर्ति की हत्याकांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

एक दिसंबर को सीनू की हत्या की गयी थी, कुदाल बरामदB

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Author: CHANDAN KUMAR

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