परमात्मा के धाम में जाने के लिए पुण्य कर्म जरूरी : स्वामी लक्ष्मण

मुरहू के मलियादा और शांमीपुरी में स्थित महर्षि मेंही आश्रम में रविवार को नववर्ष विक्रम संवत 2082 की चैत्र प्रतिपदा पर विशेष सत्संग का आयोजन किया गया.

महर्षि मेंही आश्रम में चैत्र प्रतिपदा पर विशेष सत्संग का आयोजन

प्रतिनिधि, खूंटी

मुरहू के मलियादा और शांमीपुरी में स्थित महर्षि मेंही आश्रम में रविवार को नववर्ष विक्रम संवत 2082 की चैत्र प्रतिपदा पर विशेष सत्संग का आयोजन किया गया. जीवन को शास्त्रों में वर्णित विधि से परमात्मा की भक्ति और सत्कर्म करने के लिए कहा गया. अपने प्रवचन में स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने कहा कि परमात्मा के धाम में जाने के लिए पुण्य कर्म करते रहना चाहिए. सांसारिक दुःख से बचने और जन्म-मरण के छुटकारा के लिए गुरु के बताये मार्ग पर चलकर भक्ति करनी चाहिए. बद्रीनाथ धाम के स्वामी वैष्णवानंदजी महाराज ने कहा कि नव संवत्सर सभी के जीवन को प्रकाशवान करें. इसमें हम नवरात्र पूजन करते हैं. कहा कि किसी की निंदा करने से बचें, बल्कि निंदक को पास रखिए, इससे आप अपने को सुधार करें. ऋषिकेश आश्रम के स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने कहा कि सत्संग से दोष कलंक मिट जाता है. उन्होंने कहा कि रावण, कुंभकर्ण, हिरण्यकशिपु को भगवान का दर्शन करने व उनके हाथ से मरने पर बैकुंठ तो मिल गया. कार्यक्रम में रांची, नगड़ी, बंदगांव सहित आसपास के काफी संख्या में लोग उपस्थित थे. नगड़ी के सत्संगी की ओर से भंडारे की व्यवस्था थी. मौके पर लोदरो बाबा, सुखदेव मुनि, डॉ डीएन तिवारी, दिगंबर दास, सरजू केशरी, मुचीराय मुंडा, चमरा मुंडा, संजय कुमार, मंगल मुंडा, कांडे मुंडा, हरि मुंडा, सुबोध कुमार, देवमन पूर्ति, जगमोहन पूर्ति, हरि मुंडा, रासबिहारी मुंडा आदि उपस्थित थे.

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By CHANDAN KUMAR

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