खूंटी से चंदन कुमार की रिपोर्ट
Khunti News: झारखंड के खूंटी जिले में विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया. सघन मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम (तृतीय चरण) के तहत जिला मलेरिया विभाग और चाइल्ड इन नीड इंस्टिट्यूट (सीनी) के संयुक्त तत्वावधान में सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसका उद्देश्य मलेरिया से बचाव और नियंत्रण को लेकर लोगों को जागरूक करना था.
स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. सोभा किस्पोट्टा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक कानन बाला तिर्की, जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. उदयन शर्मा, मलेरिया विभाग के अरुण कुमार और जिला वीबीडी सलाहकार अनुप्रिया होरो सहित कई स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे. इसके अलावा मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों से आई सहिया कार्यकर्ता और सीनी संस्था के सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल हुए.
मलेरिया से बचाव पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सोभा किस्पोट्टा ने कहा कि मलेरिया एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसे पूरी तरह रोका जा सकता है. उन्होंने बताया कि समय पर जांच, सही इलाज, साफ-सफाई और मच्छरदानी के नियमित उपयोग से इस बीमारी से बचा जा सकता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें.
जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी
इस अवसर पर मलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. यह रथ जिले के उच्च प्रभावित क्षेत्रों में जाकर गांव-गांव लोगों को मलेरिया के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के बारे में जानकारी देगा. इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है.
सामूहिक प्रयास से मिलेगा सफलता
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि मलेरिया उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है. इसके लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है. जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे और बचाव के उपाय नहीं अपनाएंगे, तब तक इस बीमारी को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है.
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मलेरिया मुक्त समाज का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मलेरिया मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया. इस तरह के अभियानों से न सिर्फ जागरूकता बढ़ती है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा भी मिलती है. यह पहल खूंटी जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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