बुंडू. भाजपा सरकार द्वारा वर्ष 2010 में रायसा जलाशय परियोजना का कार्य शुरू किया गया था. जो ग्रामीणों के विरोध से बंद हो गया था. इसे पुन: शुरू कराने को लेकर शुक्रवार को सिचाई विभाग से अधिकारियों की टीम आयी, जिसके खिलाफ डोमा मुंडा की अध्यक्षता में प्रतिरोध सभा की गयी. मौके पर भाकपा (माले) एरिया कमेटी सचिव शुकदेव मुंडा ने कहा कि पांचवीं अनुसूची के प्रावधान और पेसा एवं सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर रायसा जलाशय परियोजना नहीं बनाने देंगे. जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष तेज किया जायेगा. सभा के अंत में सर्वसम्मति से रायसा जलाशय परियोजना रद्द करने की मांग झारखंड की सरकार से की गयी. प्रतिरोध सभा में मुख्य रूप से ग्राम पंचायत मुखिया प्रतिनिधि शिवजन मुंडा, करम सिंह मुंडा, दुलाल मुंडा, तेयारी मुंडा, पवन मुंडा, देवराज मुंडा, छोटे मुंडा, संबत मुंडा, महावीर मुंडा, गौतम सिंह मुंडा, बिरसा मुंडा, सुगना मुंडा, एतवा मुंडा, निरंजन लोहरा, जगन मुंडा, सहचरी मुंडा, यशोमती मुंडा, नीलमनी मुंडा, शांति मुंडा, फूलमनी मुंडा सहित सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष शामिल थे.
रायसा जलाशय परियोजना के विरोध में उतरे ग्रामीण, सभा की
डोमा मुंडा की अध्यक्षता में प्रतिरोध सभा की गयी.
