मनुष्य का जीवन भक्ति बिना निरर्थक : डॉ निर्मलानंद

महर्षि मेंही आश्रम शबरी कुटिया शांतिपुरी मुरहू में 15 दिवसीय ध्यानाभ्यास शिविर का रविवार को समापन हो गया.

खूंटी. महर्षि मेंही आश्रम शबरी कुटिया शांतिपुरी मुरहू में 15 दिवसीय ध्यानाभ्यास शिविर का रविवार को समापन हो गया. कार्यक्रम में भागलपुर के स्वामी डॉ निर्मलानंद जी महाराज ने प्रवचन दिया. उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन भक्ति बिना निरर्थक है. जैसे भोजन में नमक के नहीं रहने से फीका हो जाता है. मोक्ष पाने के लिए भक्ति ही पहली सीढ़ी है. उन्होंने कहा कि निष्कपट और दीन होकर गुरु की सेवा करते हुए उनके बताये मार्ग पर चल कर ही सच्ची भक्ति करने से जीवन में सुख शांति और मोक्ष की प्राप्ति संभव है. स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने कहा कि सत्संग और प्रभु का गुणगान करना चाहिए. स्वामी रूपेश जी महाराज ने कहा कि सदाचार रह कर सभी इंद्रियों का दमन कर भक्ति करनी चाहिए. स्वामी परमानंद जी महाराज ने कहा कि सभी प्राणियों में ब्रह्म देखें, दूसरे के दोष नहीं देखें. स्वामी श्याम बाबा, स्वामी अखिलेश बाबा, स्वामी राजेंद्र बाबा, स्वामी गुलाब बाबा सहित अन्य संत-महात्माओं ने भी झूठ, चोरी, हिंसा, नशा और व्यभिचार त्याग कर निश्छल मन से भक्ति करने का प्रवचन दिया. कार्यक्रम में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ महतो, राम बिहारी साव, डॉ डीएन तिवारी, संजय सत्संगी, जूरन मुंडा, अरुण भगत, योगेश वर्मा, मनु गोप, जगन्नाथ मुंडा, सुबोध मंडल, सूरजमल प्रसाद, सगुन दास, सनातन कुमार बीरु, सुनीता कुमारी, सुलेखा कुमारी, गोला मुंडा, रामहरि साव, सुबोध कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे.

मुरहू में लगा महर्षि मेंही आश्रम का ध्यानाभ्यास शिविरB

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By CHANDAN KUMAR

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