जिले में उत्साह से मना करम पर्व

भाई-बहन के प्यार का प्रतीक प्रकृति पर्व करम बुधवार को जिले में धूमधाम से मनाया गया.

खूंटी. भाई-बहन के प्यार का प्रतीक प्रकृति पर्व करम बुधवार को जिले में धूमधाम से मनाया गया. जिले के विभिन्न स्थानों पर विधिवत तरीके से करम पूजा की गयी. बहनों ने अपने भाई की लंबी उम्र की कामना की. वहीं करमा-धरमा की कहानी सुनी. शहर के स्थानीय करम अखाड़ा में सामूहिक करम महोत्सव का आयोजन किया गया. जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. विभिन्न स्थानों से आये मंडलियों के द्वारा पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किया गया. करम अखड़ा में देर शाम तक कार्यक्रम चलता रहा. लोग ढोल-मांदर की थाप पर थिरकते रहे. लगातार बूंदा-बांदी के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी गयी. बिरसा कॉलेज खूंटी में भी करम महोत्सव का आयोजन किया गया. जिसमें विद्यार्थियों ने विधिवत पूजा-अर्चना किया गया. इस अवसर पर कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ सीके भगत सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकायें और विद्यार्थी उपस्थित हुये. इसके अलावा जिले के विभिन्न स्थानों पर सामूहिक रूप से करम महोत्सव का आयोजन किया गया.

जुड़ीहासा में मना करम

बंदगांव के लुंबई मोड़ जुड़ीहासा में सरना धर्म सोतोः समिति के द्वारा करम महोत्सव धूमधाम से मना. धर्म गुरु करम हेम्ब्रम ने आरजी गोवारी कर पूजा-अर्चना किया. इसके बाद सामूहिक नृत्य का आयोजन किया गया जो देर रात तक चलता रहा. कार्यक्रम में बलराम हेम्ब्रम ने कहा कि यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और झारखंड की समृद्ध संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है. यह पर्व झारखंड वासियों का प्राचीन और पारंपरिक त्योहार है. करमु हेम्ब्रम ने कहा कि यह पर्व भाई-बहन और प्रकृति के लिए समर्पित है. इस दिन लोग प्रकृति की पूजा करते है साथ ही बहनें अपने भाइयों के लंबी उम्र और उसके लिए सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. मौके पर गोमेया पाहन, असरीता मुंडरी, सोमा हेम्ब्रम, नंदलाल हेम्ब्रम, अविनाश हेम्ब्रम, केदार मुंडू सहित अन्य उपस्थित थे.

व्रतियों ने की आरजी गोवारी, बजते रहे मांदर, थिरकते रहे कदम

जिले में धूमधाम से मनाया गया भाई-बहन के प्यार का प्रतीक प्रकृति पर्व करम

करम अखाड़ा में सामूहिक रूप से करम महोत्सव के आयोजन में जुड़े सैकड़ों लोग

विधिवत पूजा-अर्चना के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये

देर शाम तक कार्यक्रम चलता रहा, लोग ढोल-मांदर की थाप पर थिरकते रहे

लगातार बूंदा-बांदी के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी गयीB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By CHANDAN KUMAR

CHANDAN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >