खूंटी. झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि खूंट, खेवट और विलेज नोट आधारित व्यवस्था से अलग किसी तरह की व्यवस्था पारंपरिक ग्राम सभा में थोपना या दबाव बनाना आदिवासियों के अस्तित्व, अस्मिता एवं पहचान पर गंभीर संकट पैदा करेगा. पारंपरिक ग्राम सभा की संरचना को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए. मुंडाओं की पारंपरिक व्यवस्थागत संरचना में हेरफेर किया गया, तो इसका प्रभाव समस्त आदिवासी समाज में पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलाल और सामंती सोच के लोग सामुदायिक संप्रभुता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. जिसे मुंडा समाज कभी सफल नहीं होने देगा.
ग्राम सभा की संरचना को राजनीतिक विषय नहीं बनायें
पारंपरिक ग्राम सभा की संरचना को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए.
