ग्राम सभा की संरचना को राजनीतिक विषय नहीं बनायें

पारंपरिक ग्राम सभा की संरचना को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए.

खूंटी. झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि खूंट, खेवट और विलेज नोट आधारित व्यवस्था से अलग किसी तरह की व्यवस्था पारंपरिक ग्राम सभा में थोपना या दबाव बनाना आदिवासियों के अस्तित्व, अस्मिता एवं पहचान पर गंभीर संकट पैदा करेगा. पारंपरिक ग्राम सभा की संरचना को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए. मुंडाओं की पारंपरिक व्यवस्थागत संरचना में हेरफेर किया गया, तो इसका प्रभाव समस्त आदिवासी समाज में पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलाल और सामंती सोच के लोग सामुदायिक संप्रभुता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. जिसे मुंडा समाज कभी सफल नहीं होने देगा.

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Published by: Chandan kumar

चंदन कुमार ने करियर की शुरुआत 1996 में प्रभात खबर से की. ऑल इंडिया रेडियो, सहारा समय टीवी, इंडिया टुडे एवं राष्ट्रीय सहारा में कार्य अनुभव. यात्रा वृतांत,साहित्य, सामाजिक बदलाव एवं कानूनी मामले की खबरों में रुचि. वर्तमान में मधेपुरा से खबरों का संकलन करते हैं.

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