धान उपार्जन केंद्र के संचालकों की मनमानी से किसान त्रस्त

बुंडू अनुमंडल अंतर्गत में धान उपार्जन केन्द्र संचालकों की मनमानी से प्रखंड के किसान त्रस्त हैं.

बुंडू. बुंडू अनुमंडल अंतर्गत में धान उपार्जन केन्द्र संचालकों की मनमानी से प्रखंड के किसान त्रस्त हैं. किसान अपना धान बेचने के लिए रोज धान उपार्जन केन्द्र का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनका धान नहीं लिया जा रहा है. किसानों को बताया जाता है कि गोदाम भरा है धान नहीं लिया जाता है. उपार्जन केंद्रों में बिचौलियों का बोलबाला है. बिचौलिये (धान व्यापारी ) अपने अलावा अपने रिस्तेदार, परिवार के सदस्य , दोस्तों आदि के नाम से किसान पंजीकरण आईडी बना रखे हैं. जो अपना खरीदा हुआ धान उनके नाम से बेचकर किसानों की हक मारी कर रहे हैं. बिचौलिए जिन लोगों के नाम से किसान पंजीकरण करवाया है, उनलोगों की कोई जमीन नहीं है या बहुत कम है तथा खेती बारी से उनका कोई रिश्ता नहीं है. लेकिन किसान बन कर धान बेच रहे हैं . एक एकड़ जमीन में 1600 किलो का रजिस्ट्रेशन होने का नियम है. लेकिन बुंडू के बिचौलिए एक एकड़ में 20 टन का पंजीकरण करवाये हैं और धान बेच रहे हैं. जबकि इसके विपरीत वास्तविक किसान धान उपार्जन केन्द्र में धान बेचने को लेकर परेशान हैं. बिचौलियों (धान व्यापरियों) का धान उपार्जन केन्द्र में आसानी से ले लिया जाता है, जबकि किसानों के लिए गोदाम हमेशा भरा रहता है. जो जांच का विषय है. बुंडू के किसानों ने सिस्टम में सुधार करने की मांग सरकार से करने की मांग की है. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्था नहीं सुधरती है तो आंदोलन करेंगे.

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By ANAND RAM MAHTO

ANAND RAM MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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