खूंटी. महर्षि मेंही आश्रम शबरी कुटिया शांतिपुरी मुरहू में शनिवार को दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम की शुरुआत हुई. सत्संग के के पहले दिन कुप्पाघाट भागलपुर सहित अन्य जगहों से आये संतों का पारंपरिक तरीके से ढोल नगाड़े बजाकर गीत गाकर स्वागत किया गया. आश्रम में ईश स्तुति, गुरु वंदना और रामचरितमानस पाठ के पश्चात प्रवचन में स्वामी प्रमोद जी महाराज ने प्रवचन दिया. उन्होंने कहा कि सत्संग के बिना मनुष्य की सद्गति संभव नहीं. संतों का संग बड़े भाग्य से मिलता है. उन्होंने मनुष्य को शाकाहारी भोजन अपनाने के लिए प्रेरित किया. स्वामी डॉ निर्मलानंद जी महाराज ने कहा कि गंगा स्नान से तन की सफाई होती है और सत्संग से मन के मैल और बुराईयां समाप्त होती हैं, स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने कहा कि जीवन ईश्वर का वरदान है. इसे सत्संग से प्राप्त ज्ञान से हम सुखमय बना सकते हैं. स्वामी नरेंद्रानंद जी महाराज ने कहा कि संतों का संग पारस मणि है जो मानव रूपी लोहे को सोना बना देता है. सत्संग में स्वामी सत्यानंद, स्वामी राजेन्द्र सहित अन्य ने भी प्रवचन दिये. कार्यक्रम में डॉ डीएन तिवारी, सगुन दास, संजय सत्संगी, बीरु कुमार, जूरन मुंडा, सूरजमल प्रसाद, डॉ रमेश वर्मा, रामहरि साव, हरिद्वार ठाकुर, सुनील रजक, संतोष गुप्ता, राजकुमार, ध्रुवेंद्र भास्कर, अमर सिंह, अजय गुप्ता, ज्ञान कुमार सहित अन्य उपस्थित थे.
शाकाहारी जीवन अपनायें : स्वामी प्रमोद
महर्षि मेंही आश्रम शबरी कुटिया शांतिपुरी मुरहू में सत्संग कार्यक्रम की शुरुआत हुई.
