खलारी : आस्था का महापर्व छठ शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ. व्रतियों ने स्नान-ध्यान के बाद अरवा चावल का भात, चना दाल व लौकी की सब्जी ग्रहण किया. इसे प्रसाद स्वरूप परिजनों व आस-पड़ोस में भी बांटा. इधर क्षेत्र के सभी छठ घाटों की सफाई पूरी कर ली गयी है.
साज-सज्जा का काम किया जा रहा है. व्रतियों के घर तथा चौक-चौराहों पर छठ गीत बजने शुरू हो गये हैं. जिन व्रतियों के आसपास जांता उपलब्ध था, वे जांता में ही गेहूं पिसे. वहीं आटा चक्की संचालक भी चक्कियों को धोकर छठ का गेहूं पिसने के लिए तैयार रखे हैं. प्रसाद बनाने के लिए व्रतियों के परिजन आम की लकड़ी ढूंढते दिखे. इधर, फल के खुदरा विक्रेता मंडी से लाकर फलों का भंडार कर लिये हैं ताकि छठ व्रतियों को फल की कमी न हो.
डकरा. व्रतियों ने नदी में स्नान कर पूजा की. इसके बाद कद्दू-भात ग्रहण किया. कई जगहों पर सामूहिक रूप में लोगों को कद्दू भात खिलाया. इसके साथ ही खरना की तैयारी शुरू हो गयी. दूसरी ओर डकरा क्षेत्र के सभी छठ घाटों की सफाई अंतिम चरण में है. एनके प्रबंधन द्वारा चूरी, मानकी, सुभाषनगर, डकरा, भूतनगर, मोहननगर छठ घाटों की सफाई करायी गयी.
एनके एरिया के कई सीसीएल अधिकारियों ने खुद घूम कर सफाई कार्य का जायजा लिया. स्थानीय छठ पूजा समिति द्वारा भी घाटों की साफ-सफाई करायी गयी.
केसरवानी समाज ने किया ईख का वितरण : डकरा. केशरवानी समाज के लोगों ने कैंप लगा कर व्रतियों के बीच ईख का वितरण किया. मौके पर समाज के रघुवीर केसरी, मनोहर केसरी, दमड़ी साव, सीताराम साव, राजा केसरी, अमन, दीपक, सन्नी, संजय, प्रदीप, किशोर आदि मौजूद थे.
