हजारों एकड़ जमीन अब तक बंजर

विष्णुगढ़ : विष्णुगढ़ में चार वर्ष पूर्व जमुनिया डैम का निर्माण हुआ था. इस डैम से चार पंचायतों में लगभग हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया था. डैम बनने से किसान रबी एवं खरीफ फसलों को उगा पाते, लेकिन किसानों का सपना टूटने लगा है. इस बहुउद्देशीय डैम का शिलान्यास 1945-1955 में […]

विष्णुगढ़ : विष्णुगढ़ में चार वर्ष पूर्व जमुनिया डैम का निर्माण हुआ था. इस डैम से चार पंचायतों में लगभग हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया था. डैम बनने से किसान रबी एवं खरीफ फसलों को उगा पाते, लेकिन किसानों का सपना टूटने लगा है.
इस बहुउद्देशीय डैम का शिलान्यास 1945-1955 में हुआ था. यहां से सिंचाई के लिए नहर निकाली गयी थी, जो पूरी तरह जर्जर हो गयी है. नहर की स्थिति ठीक रहने से बकसपुरा, नवादा, चेडरा और विष्णुगढ़ पंचायत के किसानों एवं युवकों को पलायन नहीं करना पड़ता. विष्णुगढ़ जिला परिषद सदस्य पश्चिमी भाग के जयप्रकाश सिंह पटेल ने कहा कि जमुनिया डैम के स्थापना काल के बाद संबंधित पंचायत के किसानों को इस डैम से सिंचाई की सुविधा मिल रही थी. लेकिन, इधर चार साल से उक्त जमीन में सिंचाई नहीं हो पा रही है.
इसका एक मात्र कारण नहर की स्थिति का जर्जर होना है. उन्होंने कहा कि मैंने कई बार जर्जर नहर की मरम्मत करने की मांग सिचाई विभाग से की है, लेकिन गंभीरता नहीं बरती गयी. नहर निर्माण के समय किसानों की जमीन गयी है. इधर, बकसपुरा के किसान जोधा महतो, हुलास महतो, अमृत साव, उत्तम महतो, महादेव महतो, बैजनाथ महतो समेत कई किसानों ने जर्जर नहर की मरम्मत करने एवं सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करने के मांग झारखंड सरकार से की है.

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