विकास तिवारी के नाम से फिर मिली धमकी
खलारी : फोन पर विकास तिवारी के नाम से धमकी मिलने के बाद केडी ओल्ड साइडिंग का काम एक बार फिर बंद हो गया. सोमवार की रात विकास तिवारी गिरोह के लोगों ने केडी साइडिंग में धावा बोल कर काम बंद करा दिया था.
38 घंटे तक बंद रहने के बाद बुधवार को दोपहर दो बजे खलारी पुलिस की पहल पर साइडिंग का काम शुरू हुआ. दो घंटे काम चलाने के बाद शाम चार बजे विकास तिवारी के नाम से फोन से धमकी मिलने के बाद काम फिर से बंद हो गया.
साइडिंग में काम कर रहे एक मुंशी ने बताया कि सीओसी कंपनी के प्रबंधन ने फोन किया कि साइडिंग में काम को बंद कर दो. साथ ही जितने भी डंपर, पेलोडर व वाहन हैं, उन्हें साइडिंग से हटा लो. इधर, फोन पर धमकी की सूचना मिलने के बाद साइडिंग में अफरा-तफरी मच गयी. डंपर चालक साइडिंग में कोयला गिरा चले गये. रैक में कोयला लोड कर रहे पेलोडर भी साइडिंग से चला गया. साइडिंग में लगे रैक में कुछ ही डब्बों में कोयला लोड किया गया है.
सोमवार से ही यह रैक साइडिंग में खड़ी है. इस संबंध में खलारी डीएसपी प्रमोद कुमार केसरी ने कहा कि प्राइवेट साइडिंग होने के बावजूद जब भी आवश्यकता होगी, सुरक्षा मुहैया करायी जायेगी. पुलिस की पहल पर साइडिंग में काम चालू हुआ था. फिर से काम बंद होने से संबंधित सूचना से नहीं मिली है.
चतरा : जिला पंचायत सचिव संघ के लोगों ने बुधवार को समाहरणालय के समक्ष छह सूत्री मांगों को लेकर भूख हड़ताल की. झारखंड राज्य पंचायत सचिव संघ के आान पर भूख हड़ताल की गयी. अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष खिरोधर प्रसाद मेहता ने की व संचालन ब्रजभूषण गुरु ने किया. श्री मेहता ने कहा कि सरकार हमेशा समझौता करती है, लेकिन लागू करने में मुकर जाती है.
उन्होंने कहा कि इस बार प्रखंड से लेकर राज्य स्तर पर आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी. तभी मांग पूरा होगा. उन्होंने कहा कि एक पंचायत सचिव पर कई पंचायतों का बोझ है. समय पर कार्य नहीं करने पर पदाधिकारी फटकार लगाते हैं. काम का बोझ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है.
श्री मेहता ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर लगातार आंदोलन चलाया जायेगा. कार्यक्रम में शेष कुमार सिंह, नागेश्वर यादव, अरुण ठाकुर, नरेश हजाम, लखन हजाम, वीरेंद्र मोची, रामचंद्र दांगी, सीताराम रवानी, यदुनंदन राम, सुधीर सिंह, मंसूर आलम, कौलेश्वर उरांव व भुवनेश्वर ठाकुर के अलावा पंचायत सचिव, जन सेवक, राजस्व कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि थे. इस मौके पर क्षेत्रीय कर्मचारी संयुक्त मोरचा का गठन किया गया.
क्या हैं मांगें : राज्य स्तरीय मांगों के साथ-साथ स्थानीय मांगों में तीन वर्ष से एक स्थान पर पदस्थापित कर्मियों का तबादला करने, एक वर्ष से निलंबित कर्मियों को निलंबन मुक्त करने, नियमित रूप से वेतन का भुगतान करने, स्वीकृत पद के अतिरिक्त पद पर काम करने के लिए कर्मियों को मूल वेतन का 25 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता देने, पंचायत सचिव नरेश कुमार सिंह की द्वितीय सेवा पुस्तिका खोलने व सभी पंचायतों में कंप्यूटर ऑपरेट की नियुक्ति करने की मांग शामिल हैं.
