खूंटी : दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी चलाने वाली व खूंटी सहित कई जिलों की वांटेड लता लकड़ा को पुलिस ने 22 जून की रात चान्हो के बेजांग (बीजूपाड़ा) स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका पति अरुण लकड़ा भाग निकला. पूछताछ के बाद लता लकड़ा को मंगलवार को जेल भेज दिया गया.
लता लकड़ा पर खूंटी जिला के कई लड़कियों को दिल्ली ले जाकर अपने प्लेसमेंट एजेंसी के जरिये बेच देने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ वारंट भी जारी है. वह दिल्ली के सकुरपुर स्थित ब्रिटेनिया चौक के नेताजी सुभाष पैलेस में प्लेसमेंट एजेंसी चलाती है. इसके कई ब्रांच दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में है.
कैसे हुई गिरफ्तारी : अनुसंधान के क्रम में एसपी अनीस गुप्ता, एसडीपीओ दीपक शर्मा, एएचटीयू की प्रभारी आराधना सिंह को सूचना मिली कि लता लकड़ा चान्हो स्थित अपने आवास में है.
इसी सूचना पर आराधना सिंह पुलिस बल के साथ 22 जून की रात उसके घर छापामारी की, जहां से लता लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में लता लकड़ा ने स्वीकार किया कि वह खूंटी, सिमडेगा, गुमला व रांची जिले से ट्रैफिकिंग कर कई युवतियों को दिल्ली ले गयी है. छापामारी के लिए गठित टीम में भदवा उरांव,जोहानी बारला, सुशीला पांडेय व ललित सिंह भी शामिल थे.
अकूत संपत्ति : पुलिस के अनुसार, लता लकड़ा अपने पति अरुण लकड़ा के नाम से संचालित एजेंसी के माध्यम से काफी कमाई की है. काफी जगह उसकी अचल संपत्ति है. चान्हो के बेजांग स्थित उसका आवास भी भव्य है. पुलिस लता की संपत्ति को जब्त करने के लिए सरकार को लिखेगी.
