खूंटी : एक अप्रैल 2010 को देश में नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू किया गया था, लेकिन खूंटी जिले में अधिनियम का रत्ती पर भी पालन नहीं हो रहा है. निजी स्कूलों में अधिनियम की धज्जियां उड़ायी जा रही है.
क्या है अधिनियम : प्राइवेट स्कूलाें मे रि-एडमिशन, बिल्डिंग फंड, कैपिटेशन फी समेत अन्य डोनेशन पर रोक, नामांकन में आयु या टीसी की जरूरी नहीं, शिक्षकों के टय़ूशन पर पूर्ण रोक, प्राइवेट स्कूलों में पहली कक्षा में कुल सीटो का 25 प्रतिशत पर नामांकन व नि:शुल्क शिक्षा अनिवार्य, आठवीं कक्षा तक कोई छात्र परीक्षा मे फेल नहीं होगा,
स्कूल किसी छात्र को निष्कासित नहीं कर सकता, नामांकन के लिए कोई साक्षात्कार नहीं होगा, प्रत्येक 30 छात्र पर एक शिक्षक होगा, प्रत्येक विद्यालय में प्रबंध समिति होगी, छात्रों को शारीरिक व मानसिक दंड नहीं दे सकते, शिक्षकों का जनगणना, चुनाव, प्राकृतिक आपदा समेत गैर शैक्षणिक कार्य में उपयोग वजिर्त, अधिनियम के पालन के लिए सभी जिलों मे एक कोर कमेटी का गठन आदि.
