आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं बहुरूपिया कलाकार

खूंटी : नब्बे के दशक तक बहुत से बहुरूपिया कलाकार गांव व शहरों में दिख जाते थे, लेकिन अब मुश्किल से ही दिखायी पड़ते हैं. खूंटी में छत्तीसगढ़ के सिरूआ गांव निवासी बहुरूपिया कलाकार रामकुमार अपनी कला से मनोरंजन कर रहे है. वे कहते हैं कि उन्हें यह कला पूर्वजों से मिली है. मैट्रिक तक […]

खूंटी : नब्बे के दशक तक बहुत से बहुरूपिया कलाकार गांव व शहरों में दिख जाते थे, लेकिन अब मुश्किल से ही दिखायी पड़ते हैं. खूंटी में छत्तीसगढ़ के सिरूआ गांव निवासी बहुरूपिया कलाकार रामकुमार अपनी कला से मनोरंजन कर रहे है. वे कहते हैं कि उन्हें यह कला पूर्वजों से मिली है. मैट्रिक तक पढ़ाई करने के बाद विरासत में मिली बहुरूपिया की कला को रोजगार का साधन बना लिया.
वेबताते हैं कि प्रतिदिन सौ से दो सौ रुपये तक कमाई हो जाती है. लोग बहुरूपिया की कला का कद्र तो करते हैं, लेकिन सहयोग राशि न के बराबर देते हैं.

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