पीएलएफआइ के खिलाफ रंग लाया प्रयास
खूंटी : पीएलएफआइ के हार्डकोर सदस्य जनेश्वर गोप ने शुक्रवार को खूंटी एसपी अनीस गुप्ता के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. एसपी ने मुख्य धारा में उसके लौटने का स्वागत किया और सरेंडर पॉलिसी के तहत उसे 50 हजार रुपये की राशि सौंपी. रनिया के मेरोमबीर निवासी जनेश्वर गोप के खिलाफ खूंटी जिले के विभिन्न थानों में नौ मामले दर्ज हैं. इसके अलावा गुमला के कामडारा व बानो सहित पश्चिम सिंहभूम के बंदगांव थाना में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.
मामले के संबंध में एसपी ने बताया कि पीएलफआइ के खिलाफ पुलिस मुहिम चला रही है. पुलिस का प्रयास है कि नक्सली व उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्य धारा से जुड़ें. इसी मुहिम के तहत एसडीपीओ तोरपा अनुदीप सिंह व रनिया थानेदार दिनेश कुमार प्रजापति को जनेश्वर गोप के घर भेजा गया. उसकी पत्नी व अन्य लोगों को समझाया गया कि जनेश्वर गोप आत्मसमर्पण कर दे. इसके बाद जनेश्वर गोप ने पुलिस के आला अधिकारियों ने बात की, फिर उसने आज पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया.
कई जिम्मेवारी थी
जनेश्वर गोप ने बताया कि संगठन में रहने के दौरान परिवार से दूर रहना पड़ता था, जो उसे खलती थी. संगठन के जब शीर्षस्थ नेताओं की बैठक होती थी, वही हर संसाधन उपलब्ध कराता था. पुलिस की गतिविधि की सूचना भी पहुंचाता था. संगठन के हथियार को सुरक्षित रखने की जिम्मेवारी भी उसी के ऊपर थी.
जेल से निकलने के बाद अब एक आम आदमी की तरह जीवन बसर करूंगा.
