कैंप में बंटेगा मुआवजा, नक्सली हिंसा के शिकार156 लोगों के आश्रितों को राहत

डीआइजी ने कहा खूंटी : रांची रेंज के डीआइजी प्रवीण सिंह ने शुक्रवार को खूंटी में पीएलएफआइ के खिलाफ चल रहे अभियान ऑपरेशन कारो-दो की समीक्षा की. इस दौरान पीएलएफआइ के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गयी. समीक्षा बैठक के बाद डीआइजी ने बताया कि वर्ष 2007 से अब तक […]

डीआइजी ने कहा
खूंटी : रांची रेंज के डीआइजी प्रवीण सिंह ने शुक्रवार को खूंटी में पीएलएफआइ के खिलाफ चल रहे अभियान ऑपरेशन कारो-दो की समीक्षा की. इस दौरान पीएलएफआइ के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गयी.
समीक्षा बैठक के बाद डीआइजी ने बताया कि वर्ष 2007 से अब तक खूंटी जिले में 170 लोग नक्सली-उग्रवादी हिंसा में मारे गये हैं.
लेकिन खूंटी में सिर्फ 14 लोगों को मुआवजा व नौकरी मिली है. जल्द ही एक कैंप लगाया जायेगा. इसमें खूंटी जिला के डीसी-एसपी के साथ सभी प्रखंड के बीडीओ-सीओ भी रहेंगे. कैंप में ही मारे गये 156 लोगों के आश्रितों को मुआवजा व सरकारी नौकरी का आवेदन लिया जायेगा और इसकी अनुशंसा गृह विभाग से की जायेगी.
अभियान जारी रहेगा: डीआइजी प्रवीण सिंह ने कहा कि उग्रवादियों का खात्मा होने तक ऑपरेशन कारो-दो जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि खूंटी जिला के विभिन्न थानों में पीएलएफआइ के खिलाफ 90 मामले अनुसंधान के लिए लंबित हैं. छह मामलों के अनुसंधान में लापरवाही बरतनेवाले छह पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है. अदालत से अनुरोध कर सभी मामलों में त्वरित सुनवाई की जायेगी. समीक्षा बैठक में खूंटी के एसपी अनीस गुप्ता, एएसपी अभियान पीआर मिश्र, एसडीपीओ खूंटी दीपक शर्मा, एसडीपीओ तोरपा अनुदीप सिंह, डीएसपी रवींद्र कुमार उपस्थित थे.
10 लाख मुआवजा देने का आदेश
झारखंड हाइकोर्ट में शुक्रवार को नक्सली घटना में मारे गये चौकीदार के आश्रित को मुआवजा देने संबंधी एकल पीठ के आदेश को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की अपील को खारिज किया. मृतक के आश्रित को नयी नीति के तहत 10 लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला सुनाया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >