प्रबंधन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय
पिपरवार : कोयलांचल के ठेठांगी व सिदालू गांव के विस्थापित ग्रामीणों की बैठक सोमवार को छठू गंझू की अध्यक्षता में हुई. बैठक में दोनों गांवों में जमीन व सीसीएल से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी. विस्थापित नेता अर्जुन गंझू ने सीसीएल प्रबंधन पर बिना अनुमति श्मशान घाट उजाड़ने का आरोप लगाते हुए तत्काल श्मशान घाट बना कर देने, गैरमजरुवा बंदोबस्त एवं भूदान की जमीन का यथाशीघ्र सत्यापन कराने तथा सिदालु व ठेठांगी में जितने भी वनभूमि पर दखल रखनेवाले रैयतों को वन पट्टा दिलाने की मांग की गयी.
हेवी ब्लास्टिंग से गांव के कुएं, तालाब, चापानल का जलस्तर काफी नीचे चले जाने से पानी का संकट बढ़ने की जानकारी देते हुए पूर्व मुखिया अलेक्जेंडर तिग्गा ने डीप बोरिंग कराने एवं गांव में बिजली की समस्या से निजात दिलाने की मांग की.
हेवी ब्लास्टिंग के कारण कई घरों में पड़ी दरारों की मरम्मत कराने की मांग करते हुए बताया गया कि यदि इस पर शीघ्र कदम नहीं उठाया गया तो कभी भी दुर्घटना हो सकती है. ग्रामीणों का कहना था कि दोपहर तीन बजे ब्लास्टिंग के समय ग्रामीणों को घरों से बाहर निकाल कर ब्लास्टिंग किये जाने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करनापड़ता है.
इस संबंध में ग्रामीणों का कहना था ग्र्रामीण वहां से जाने को हमेशा तैयार हैं, बशर्ते प्रबंधन रैयतों को उनका हक दे. बैठक के अंत में अपनी मांगों को लेकर सीसीएल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया. बैठक का संचालन अलेक्जेंडर तिग्गा ने किया. मौके पर अर्जुन गंझू, उप मुखिया तानेश्वर उरांव, संजय टानाभगत, फूलजेंस तिग्गा, बालेश्वर उरांव, राजेंद्र तिग्गा, सुनील तिग्गा, बंशी टानाभगत, डेविड तिग्गा, गणेश टानाभगत, तुलसी गंझू, बंधन टानाभगत, राहुल भेक्ता, बालगोविंद गंझू, अजय गंझू, रवि गंझू, सूरजमनी देवी, फूलमनी देवी, रीमा देवी, ललिता देवी, प्रभा तिर्की, सूकरी देवी व ग्रामीण मौजूद थे.
