रांची. झारखंड में राशन कार्डधारियों के लिए जरूरी खबर है. राज्य में चार लाख से अधिक निष्क्रिय राशन कार्डों को सस्पेंड किया गया है. इसके साथ ही पात्र लाभुकों की पहचान और राशन वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नया सत्यापन अभियान शुरू किया गया है. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ केवल पात्र लाभुकों तक पहुंचे और फर्जी या डुप्लीकेट प्रविष्टियों पर रोक लगे.
छह महीने से राशन नहीं लिया तो हो सकता है कार्ड निष्क्रिय
नई व्यवस्था के तहत उन राशन कार्डों पर विशेष नजर है, जिनसे लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं हुआ है. एक अक्तूबर से राज्य में स्मार्ट PDS व्यवस्था लागू करने की तैयारी है. इसके तहत छह महीने तक राशन नहीं लेने वाले कार्डों को निष्क्रिय करने की व्यवस्था लागू होगी.
विभाग की ओर से लाभुकों को सलाह दी गयी है कि वे अपने राशन कार्ड की स्थिति की जानकारी लें और जरूरी प्रक्रिया समय पर पूरी करें.
डुप्लीकेट नामों की भी हो रही पहचान
सत्यापन अभियान के दौरान डुप्लीकेट लाभुकों और एक से अधिक जगह दर्ज प्रविष्टियों की भी पहचान की जा रही है. आधार आधारित मिलान के माध्यम से ऐसे मामलों को चिह्नित किया जा रहा है. संबंधित लाभुकों को सत्यापन और ई-केवाईसी पूरा करने का अवसर दिया जा रहा है.
इस प्रक्रिया का मकसद राशन वितरण में गड़बड़ी और अपात्र लाभुकों को मिलने वाले खाद्यान्न पर रोक लगाना है.
कार्ड सस्पेंड हो गया है तो क्या करें?
अगर किसी लाभुक का राशन कार्ड निष्क्रिय या सस्पेंड श्रेणी में चला गया है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार निष्क्रिय कार्ड को दोबारा सक्रिय कराने के लिए ई-केवाईसी और जरूरी सत्यापन कराना होगा. इसके लिए लाभुक अपने नजदीकी उचित मूल्य की दुकान यानी राशन दुकान पर संपर्क कर सकता है.
लाभुकों को अपने राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी भी जांच लेनी चाहिए. अगर कार्ड में नाम, आधार या अन्य विवरण को लेकर कोई समस्या है, तो संबंधित विभागीय व्यवस्था के माध्यम से उसका सत्यापन कराया जा सकता है.
तीन महीने में प्रक्रिया पूरी नहीं की तो क्या होगा?
निष्क्रिय कार्डों को दोबारा सक्रिय कराने के लिए लाभुकों को निर्धारित समय के भीतर ई-केवाईसी और सत्यापन पूरा करना होगा. उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसके लिए तीन महीने की अवधि दी जा रही है. तय अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित कार्ड को स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है.
इसलिए जिन परिवारों को नियमित रूप से सरकारी राशन मिलता है, उनके लिए कार्ड की स्थिति की जांच करना जरूरी है.
झारखंड में 60 लाख से ज्यादा राशन कार्ड
झारखंड के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में राज्य में करीब 60.20 लाख राशन कार्ड दर्ज होने की जानकारी दी गयी है. इन कार्डों से करीब 2.63 करोड़ लाभुक जुड़े हैं. इनमें करीब 51.40 लाख PHH और 8.81 लाख अंत्योदय राशन कार्ड शामिल हैं.
यानी राशन कार्डों का सत्यापन और स्मार्ट PDS व्यवस्था का असर राज्य के करोड़ों लाभुकों पर पड़ सकता है.
राशन कार्डधारी अभी क्या करें
- अपने राशन कार्ड की स्थिति की जानकारी लें.
- राशन दुकान पर जाकर कार्ड की स्थिति जांचें.
- ई-केवाईसी लंबित है तो उसे पूरा कराएं.
- लंबे समय से राशन नहीं लिया है तो संबंधित डीलर से जानकारी लें.
- नाम या आधार संबंधी गड़बड़ी होने पर उसका सत्यापन कराएं.
- कार्ड निष्क्रिय होने की स्थिति में निर्धारित समय के भीतर पुनः सक्रिय कराने की प्रक्रिया पूरी करें.
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से शिकायत के लिए 1800-212-5512 और 1967 हेल्पलाइन उपलब्ध है. विभाग के अनुसार यह सेवा सोमवार से शनिवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध है.
