लोहरदगा से गोपी, चतरा से दीनबंधू और साहेबगंज से सुनील की रिपोर्ट
Transfer Posting: झारखंड के लोहरदगा, चतरा और साहेबगंज जिलों में शनिवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला. तीनों जिलों के नए उपायुक्तों ने विधिवत रूप से अपना-अपना पदभार ग्रहण किया और विकास, सुशासन तथा जनहित को अपनी प्राथमिकता बताया. नए अधिकारियों के आगमन से प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा और गति आने की उम्मीद जताई जा रही है.
लोहरदगा में संदीप कुमार मीणा बने 43वें डीसी
लोहरदगा जिले के 43वें उपायुक्त के रूप में संदीप कुमार मीणा ने पदभार ग्रहण किया. निवर्तमान उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद ने उन्हें औपचारिक रूप से जिम्मेदारी सौंपी. पदभार संभालते ही संदीप कुमार मीणा ने स्पष्ट किया कि जिले का समग्र विकास और जनकल्याण उनके काम का मुख्य आधार होगा.
संदीप कुमार मीणा ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है. इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए.
उन्होंने पारदर्शी प्रशासन पर जोर देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करना आवश्यक है. इस मौके पर समाहरणालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने निवर्तमान डीसी को विदाई दी और नए उपायुक्त का स्वागत किया.
चतरा में रवि आनंद ने संभाली कमान
चतरा जिले के 40वें उपायुक्त के रूप में रवि आनंद ने शनिवार को पदभार ग्रहण किया. उन्होंने निवर्तमान उपायुक्त कीर्तिश्री से जिम्मेदारी ली. पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए टीम भावना के साथ कार्य किया जाएगा.
रवि आनंद ने क्या कहा?
रवि आनंद ने बताया कि जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता में रखने की बात कही.
पेयजल संकट को लेकर उन्होंने विशेष चिंता जताई और कहा कि जहां भी समस्या होगी, 48 घंटे के भीतर उसका समाधान किया जाएगा. साथ ही, जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि वे नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करेंगे और आम लोगों से सीधे संवाद स्थापित करेंगे. पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारने पर जोर दिया गया.
डीएमएफटी के तहत नियुक्त चिकित्सकों के इस्तीफे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा कर उचित समाधान निकाला जाएगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों. वहीं, निवर्तमान डीसी कीर्तिश्री ने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए सभी के सहयोग के लिए आभार जताया और नए उपायुक्त को शुभकामनाएं दीं.
साहेबगंज में दीपक कुमार दुबे बने 37वें उपायुक्त
साहेबगंज जिले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) 2019 बैच के अधिकारी दीपक कुमार दुबे ने 37वें उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी के रूप में पदभार संभाला. समाहरणालय परिसर में उन्होंने औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया.
दीपक कुमार दुबे ने क्या कहा?
पदभार ग्रहण करने के बाद दीपक कुमार दुबे ने कहा कि जिले का समग्र विकास और सुशासन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा.
उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया. सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का असर तभी दिखेगा, जब सभी विभाग मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे.
दीपक कुमार दुबे ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आधारभूत संरचना और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही. उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को और मजबूत करने का भरोसा दिलाया, ताकि लोगों की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी समाधान हो सके. इस मौके पर डीडीसी सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता गौतम भगत, नगर परिषद पदाधिकारी अभिषेक सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
नई ऊर्जा के साथ विकास को मिलेगी रफ्तार
तीनों जिलों में नए उपायुक्तों के पदभार संभालने के बाद प्रशासनिक महकमे में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने, पारदर्शिता बनाए रखने और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
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यह बदलाव न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे आम लोगों को भी बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि नए नेतृत्व में ये जिले विकास के कितने नए आयाम स्थापित करते हैं.
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