झारखंड सरकार आम लोगों को देगी स्वास्थ्य की गारंटी, जल्द जारी होगा हेल्थ कार्ड: डॉ इरफान अंसारी

Jharkhand Health Card: झारखंड सरकार “मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना” के तहत हेल्थ कार्ड लाने जा रही है. इस योजना में 5 से 10 लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज मिलेगा. स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और जागरूकता अभियान पर जोर दिया. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

रांची से विपिन कुमार सिंह की रिपोर्ट

Jharkhand Health Card: झारखंड सरकार राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार जल्द ही “मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना” के तहत हेल्थ कार्ड जारी करने की तैयारी में है. इस योजना के जरिए जन्म के समय से ही बच्चों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर इस योजना की घोषणा की.

जन्म के साथ ही मिलेगा हेल्थ कार्ड

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को जन्म के साथ ही हेल्थ कार्ड से जोड़ना है. इससे उनके इलाज की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी. उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी परिवार को इलाज के खर्च को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा. यह योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है.

5 लाख से 10 लाख तक मुफ्त इलाज

इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं गंभीर बीमारियों के मामलों में यह राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक की जा सकती है. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर एयर एम्बुलेंस और रेफरल सुविधा भी दी जाएगी. इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होने की उम्मीद है.

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई. कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण और पौधों को पानी देकर की गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया.

‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण पर जोर

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण को अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मनुष्य, पशु और पर्यावरण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. यदि इन तीनों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए, तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है. यह दृष्टिकोण आने वाले समय में स्वास्थ्य नीति का अहम हिस्सा बनेगा.

डॉक्टर और कर्मियों की नियुक्ति पर फोकस

स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग का भविष्य का रोडमैप भी साझा किया. उन्होंने बताया कि राज्य में डॉक्टरों और निचले स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज की जाएगी. इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी. सरकार का प्रयास है कि हर व्यक्ति को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके.

मोबाइल के दुष्प्रभाव पर चिंता

कार्यक्रम के दौरान डॉ. इरफान अंसारी ने बच्चों पर मोबाइल के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि अत्यधिक मोबाइल उपयोग के कारण बच्चों में मानसिक बीमारियां बढ़ रही हैं. रिनपास में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां बच्चे मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने की अपील की.

वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की अपील

विश्व स्वास्थ्य संगठन के थीम “टुगेदर फॉर हेल्थ – स्टैंड विद साइंस” के तहत कार्यक्रम में वैज्ञानिक सोच को अपनाने पर जोर दिया गया. विशेषज्ञों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध है. वैज्ञानिक पूर्वानुमान और तकनीक के उपयोग से कई बीमारियों से बचाव संभव है.

साल भर चलेगा स्वास्थ्य अभियान

इस थीम के तहत पूरे साल राज्य में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसमें विभिन्न विभागों के समन्वय से लोगों को स्वास्थ्य, पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा. इसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है.

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए नए कदम

कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं. राज्य में 247 नई हाईटेक एम्बुलेंस शुरू की जाएंगी. इसके अलावा दो कॉल सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिनमें एक संताल परगना और दूसरा रांची में होगा.

ब्लड व्यवस्था में सुधार की योजना

ब्लड उपलब्धता को लेकर आम लोगों को हो रही परेशानी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दाखिल करेगा. साथ ही ब्लड सप्लाई की जिम्मेदारी आउटसोर्सिंग के माध्यम से एक थर्ड पार्टी एजेंसी को दी जाएगी. इसके लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर मदद मिल सके.

सहिया कर्मियों को मिलेगा डिजिटल सपोर्ट

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सहिया कर्मियों को टैबलेट देने की योजना भी बनाई गई है. इससे वे डेटा संग्रह, रिपोर्टिंग और मरीजों की निगरानी बेहतर तरीके से कर सकेंगी. यह कदम डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

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बेहतर स्वास्थ्य के लिए समग्र प्रयास जरूरी

इस पूरे कार्यक्रम से साफ है कि झारखंड सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव की दिशा में काम कर रही है. हेल्थ कार्ड योजना, नई एम्बुलेंस, डिजिटल सुविधा और जागरूकता अभियान जैसे कदम राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में मददगार साबित हो सकते हैं. सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और राज्य को एक स्वस्थ समाज की ओर आगे बढ़ाया जा सके.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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