रांची. झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़े नियुक्ति विवाद में 18 सितंबर की सुनवाई अहम होगी. 15 सितंबर को झारखंड हाइकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सीआईडी जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की गयी. अदालत ने मामले की जांच की गति को लेकर सवाल उठाये और सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 48 घंटे का समय दिया. अगली सुनवाई 18 सितंबर को निर्धारित की गयी है.
नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर रोक जारी
मामले में पहले ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर रोक लगा रखी है. यह विवाद 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, JSSC-CGL समेत CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर जैसी नियुक्तियों से जुड़ा है. अदालत में इन नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी फैसले को चुनौती दी गयी है.
18 सितंबर को किन बातों पर नजर
अगली सुनवाई में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु सरकार की ओर से दाखिल जवाब और सीआईडी जांच की प्रगति होगी. अदालत यह देख सकती है कि जांच अब तक किस स्तर तक पहुंची है और नियुक्तियों से जुड़े आरोपों की जांच में क्या कार्रवाई हुई है. 15 सितंबर की सुनवाई में अदालत ने मामले को 2500 से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा बताया था.
CGL के 1340 नियुक्त कर्मचारियों को फिलहाल राहत
JSSC-CGL से नियुक्त 1340 अधिकारियों-कर्मचारियों के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्मिक विभाग ने उन्हें पहले की तरह काम लेने का निर्देश दिया है. इससे फिलहाल इन कर्मचारियों की सेवा को लेकर बनी स्थिति में राहत मिली है. हालांकि नियुक्तियों से जुड़ा मूल विवाद अदालत में विचाराधीन है.
मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं
भर्ती विवाद की जांच और नियुक्तियों को रद्द करने का सरकारी फैसला कई परीक्षाओं से जुड़ा है. ऐसे में 18 सितंबर की सुनवाई का असर अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं से नियुक्त अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है. अदालत के अगले आदेश से यह स्पष्ट होगा कि नियुक्तियों और जांच को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी.
फिलहाल नियुक्तियां रद्द करने के सरकारी आदेश पर लगी रोक बरकरार है. इसलिए 18 सितंबर तक संबंधित अभ्यर्थियों और नियुक्त कर्मचारियों की नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर रहेगी.
