रोहिणी नक्षत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान चिंतित प्रतिनिधि, नाला. रोहिणी नक्षत्र एवं एक पखवाड़े से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसान मायूस एवं चिंतित हैं. बारिश नहीं होने के कारण अधिकांश किसान रोहणी नक्षत्र में बीज डाल नहीं पाए हैं, जिससे कृषि कार्य पिछड़ने की संभावना जताई जा रही है. जानकारी हो कि 25 मई को सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, जो 8 जून तक रहता है. शहरपुर के किसान गोपेश्वर माजि, कालीपद माजि, गंगाधर मंडल आदि ने बताया कि खेती कार्य के लिए रोहणी नक्षत्र को उत्तम माना जाता है. खरीफ फसल की खेती के लिए रोहणी नक्षत्र को शुभ माना जाता है. इसलिए रोहणी नक्षत्र का 9 दिन का समय किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए इस समय को किसान गंवाना नहीं चाहते हैं. बताया कि रोहणी नक्षत्र को इसलिए उत्तम माना जाता है कि इस समय बीज डालने से पैदावार अधिक होती है. पौधों में कीड़ा मकोड़ा कम लगते हैं. समय पर फसल तैयार हो जाते हैं. गोपेश्वर माजि ने बताया बारिश होने की संभावना से खेतों में नमी कम रहने के बावजूद धान का बीज डाला गया है, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण कुछ में अंकुरित हुआ है. और अधिकांश भाग में सुखा पड़ा है. अधिकांश किसान बीज डालने के लिए खेतों की तैयारी कर लिए हैं. नमी कम रहने के कारण बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
खेतों में नमी कम रहने के बावजूद डाला धान का बीज, पर हुआ अंकुरित
नाला. रोहिणी नक्षत्र एवं एक पखवाड़े से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसान मायूस एवं चिंतित हैं.
