संवाददाता, जामताड़ा जिले में मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल रहने वाले मनरेगाकर्मियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. डीडीसी सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) असीम किस्पोट्टा ने सभी हड़ताली मनरेगाकर्मियों को 11 जून 2026 तक सेवा पर लौटने का निर्देश दिया है. निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर नहीं लौटने वाले कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी है. जारी आदेश में कहा गया है कि मनरेगा एक मांग आधारित योजना है, जिसके तहत ग्रामीणों द्वारा कार्य की मांग किए जाने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है, लेकिन जिले में कार्यरत कई मनरेगाकर्मियों के मार्च से हड़ताल पर रहने के कारण योजना के संचालन में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो रही है. ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने में बाधाएं आ रही है. हड़ताल के कारण मार्च, अप्रैल एवं मई 2026 में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मानव दिवस सृजन नहीं हो सका है, जिससे योजनाओं की प्रगति प्रभावित हुई है. ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के निर्देश के आलोक में पूर्व में भी 29 मई को सभी हड़ताली कर्मियों को सेवा में लौटने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब तक अधिकांश कर्मी वापस नहीं लौटे हैं. डीडीसी ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन एवं ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सभी कर्मियों को सेवा में लौटना आवश्यक है. इसलिए 11 जून तक कार्य पर लौटना सुनिश्चित करें, अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
हड़ताली मनरेगाकर्मी 11 जून तक काम पर लौटें, नहीं तो होगी कार्रवाई : डीडीसी
जामताड़ा. जिले में मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल रहने वाले मनरेगाकर्मियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है.
