जामताड़ा : पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी गुरुवार को जामताड़ा पहुंचे. उन्होंने भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया.
गांव-गांव जाकर जांच का निर्देश
बाबूलाल मरांडी ने बीएलए-2 के साथ गांवों में जाकर एसआईआर में अनुपस्थित या दूसरे स्थान पर स्थानांतरित बताए गए मतदाताओं के नामों की जांच करने को कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र में करीब 14 हजार आदिवासी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं. उन्होंने इसे गंभीर जांच का विषय बताते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करने को कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे स्थानीय मंत्री और विधायक का इशारा है.
एमएमडीआर बिल पर कांग्रेस-झामुमो को घेरा
एमएमडीआर संशोधन बिल को लेकर बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अतिरिक्त टैक्स और सेस के कारण झारखंड का कोयला और आयरन महंगा हो रहा है. उनके अनुसार झारखंड में 30 टन कोयले पर करीब 13,500 रुपये और आयरन पर करीब 18 हजार रुपये अतिरिक्त सेस का भार पड़ता है. इससे उद्योगों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और रोजगार के अवसर भी प्रभावित होंगे.
खदानों की नीलामी पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में खदानों की नीलामी और संचालन को लेकर राज्य सरकार ने पर्याप्त काम नहीं किया. खदानें चालू होने से झारखंड को हजारों करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है.
ये नेता रहे मौजूद
मौके पर पूर्व मंत्री रणधीर कुमार सिंह, पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण, सुजाता भैया, कमलेश मंडल सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे.
