28 सितंबर से 3 दिन बैंक बंदी, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

बैंककर्मी 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे. पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और PLI योजना में भेदभाव खत्म करने की मांग को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है. यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी.

संवाददाता, जामताड़ा: पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को जामताड़ा में बैंक कर्मियों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया. बैंक कर्मियों ने विभिन्न बैंक शाखाओं का भ्रमण कर विरोध जताया और शाखाओं को बंद कराया.

जामताड़ा स्थित SBI मुख्य शाखा के समक्ष भी बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की.

28 सितंबर से तीन दिवसीय बैंक बंदी का ऐलान

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे यूनियन नेता सौरभ कुमार राय ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने को लेकर सरकार ने वर्ष 2024 में भरोसा दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है.

उन्होंने कहा कि बैंक कर्मी लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है.

सौरभ कुमार राय ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक बंदी की जाएगी.

मांगें नहीं मानीं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल

यूनियन ने आंदोलन को आगे और तेज करने की चेतावनी दी है. बैंक कर्मियों के अनुसार, यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल शुरू की जाएगी.

बैंक में लगा ताला.

इस घोषणा के बाद आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर आंदोलन का असर बढ़ने की संभावना है.

पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग

बैंक कर्मियों की प्रमुख मांग पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है. यूनियन नेताओं का कहना है कि इस मांग को लेकर सरकार की ओर से पहले भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया.

प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मियों ने लंबित मांगों का जल्द समाधान करने की मांग भी उठायी.

PLI योजना में भेदभाव खत्म करने की मांग

यूनियन नेता ने पीएलआइ (Performance Linked Incentive) योजना में कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया.

उन्होंने कहा कि पीएलआइ में भेदभाव समाप्त होना चाहिए और समान कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों को समान अधिकार और अवसर मिलना चाहिए.

यूनियन की मांग है कि पीएलआइ योजना के क्रियान्वयन को फिलहाल स्थगित किया जाए और यूनियनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर आवश्यक संशोधन किया जाए.

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बैंक कर्मी रहे मौजूद

प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, पीएलआइ योजना में भेदभाव समाप्त करने और लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग प्रमुखता से उठायी.

मौके पर प्रदीप चौबे, धीरज क्रांति खान, दोलन दास, संजीत कुमार, नंदकिशोर बास्की, अमित कुमार दास, उमा कुमारी, कुंदन कुमार, विजय दास, चंचल प्रकाश, चंद्र राय, अमित कुमार, नेहा और प्रकाश समेत अन्य बैंक कर्मी मौजूद रहे.

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By Umesh Kumar

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