विद्यासागर. सरस्वती विद्या मंदिर विद्यासागर में तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला का समापन मंगलवार को हुआ. अंतिम दिन के कार्यशाला का शुभारंभ विद्यालय के उपाध्यक्ष गोविंद मंडल, प्रधानाचार्य कृष्ण कांत दुबे, अध्यक्ष चंदन मुखर्जी ने किया. प्रथम सत्र में प्रधानाचार्य कृष्ण कांत दुबे ने पंचकोषीय शिक्षा पद्धति एवं पांच आयामों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की. उन्होंने पंचतत्व पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश, पांच कर्मेंद्रियां, पांच ज्ञानेंद्रियां, पंचकोष तथा पंच प्राण के विषय में विस्तार से जानकारी दी. प्रधानाचार्य ने तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला में विभिन्न सत्रों में कई विषयों पर चर्चा की. प्रमुख रूप से दादा-दादी, नाना-नानी सम्मेलन, अभिभावक गोष्ठी, अभिभावक संपर्क, मातृ सम्मेलन तथा पूर्व आचार्य कार्यक्रमों के महत्व पर गहन चिंतन प्रस्तुत किया गया. प्रधानाचार्य ने नयी शिक्षा नीति 2020 एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा पर विस्तारपूर्वक चर्चा की. उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा के महत्व, बालकों के सर्वांगीण विकास तथा गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति पर विशेष जोर दिया. मौके पर जय नारायण मंडल, बलबीर कुमार यादव, जागेश्वर मंडल, संतोष कुमार, अशोक सिंह, अशोक मंडल, रमेश मंडल, जय प्रकाश रवानी, अनूप बागची, अपर्णा झा, ललिता देवी, लक्ष्मी देवी, सुधा साव, जागृति कुमारी सिंह, बाबूलाल दास सहित अन्य थे.
कार्यशाला में प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर दिया गया जोर
विद्यासागर. सरस्वती विद्या मंदिर विद्यासागर में तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला का समापन मंगलवार को हुआ.
