जामताड़ा . नव चयनित सहायक आचार्य अभ्यर्थियों ने विद्यालय पदस्थापन के लिए होने वाली ओपन काउंसिलिंग में विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग की है . अभ्यर्थियों ने उपायुक्त आलोक कुमार को आवेदन सौंपकर काउंसिलिंग के लिए जिले के और अधिक विद्यालयों को शामिल करने का आग्रह किया है . उनका कहना है कि मौजूदा सूची सीमित होने के कारण सभी अभ्यर्थियों को अपनी पसंद का विद्यालय चुनने का समान अवसर नहीं मिल सकेगा .
42 अभ्यर्थियों के लिए 42 विद्यालयों की सूची
अभ्यर्थियों के अनुसार, कक्षा छह से आठ और कक्षा नौ से 12 तक के कुल 42 नव चयनित सहायक आचार्य हैं . ओपन काउंसिलिंग के लिए फिलहाल 42 विद्यालयों की सूची जारी की गयी है . अभ्यर्थियों का कहना है कि काउंसिलिंग में शुरुआती क्रम वाले अभ्यर्थी अपनी पसंद के विद्यालय चुन सकेंगे, लेकिन अंतिम क्रम में आने वाले अभ्यर्थियों के सामने विकल्प काफी सीमित हो सकते हैं .
पसंद का स्कूल नहीं मिला तो बढ़ेगी परेशानी
अभ्यर्थियों ने कहा कि विद्यालयों की संख्या सीमित रहने से कई चयनित अभ्यर्थियों को मनपसंद विद्यालय नहीं मिल पाएगा . पदस्थापन के बाद विद्यालय की दूरी और आवागमन भी महत्वपूर्ण विषय है . ऐसे में खासकर महिला अभ्यर्थियों को दूरस्थ विद्यालय मिलने पर अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है .
सभी प्रखंडों से और स्कूल जोड़ने की मांग
अभ्यर्थियों ने उपायुक्त से जिले के सभी प्रखंडों से कुछ और विद्यालयों को ओपन काउंसिलिंग की सूची में शामिल करने का आग्रह किया है . उनका कहना है कि विद्यालयों की संख्या बढ़ने से अभ्यर्थियों के पास चयन के अधिक विकल्प होंगे और सभी नव चयनित सहायक आचार्यों को अपनी प्राथमिकता के अनुसार विद्यालय चुनने का बेहतर अवसर मिल सकेगा .
अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन से काउंसिलिंग से पहले विद्यालयों की संख्या बढ़ाने पर विचार करने की मांग की है, ताकि पदस्थापन प्रक्रिया सभी के लिए अधिक सुविधाजनक और समान अवसर वाली हो सके .
