बैसाखी पर्व पर गुरुद्वारा में हुआ अरदास व कीर्तन

मिहिजाम. बैसाखी पर नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब पाठ और कीर्तन से गुंजायमान रहा.

मिहिजाम. बैसाखी पर नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब पाठ और कीर्तन से गुंजायमान रहा. गुरुद्वारा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे. सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ गुरुद्वारे में उमड़ने लगी थी. गुरुद्वारे में आकर्षक दीवान सजाया गया था. जलंधर से पधारे प्रसिद्ध रागी सुखविंदर सिंह के गुरुवाणी, मधुर कीर्तन से संगत भावविभोर हुए. अरदास, गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ, कीर्तन और सत्संग के बाद संगत ने गुरु का लंगर ग्रहण किया. मौके पर गुरुद्वारा में विभिन्न आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सदस्यों को प्रबंधन कमेटी ने सिरोपा प्रदान कर सम्मानित किया. बैसाखी पर्व नये फसल की कटाई और आस्था का प्रतीक माना जाता है. 1699 में गुरु गोविंद सिंह साहब के खालसा पंथ की स्थापना की स्मृति में इसे मनाने की परंपरा रही है.

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Published by: Jiyaram murmu

मैं जियाराम मुर्मू वर्ष 2009 से प्रभात खबर, जामताड़ा से जुड़ा हुआ हूं. मैं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जनमुद्दे जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, ग्रामीण विकास सहित ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार उठा रहा हूं.

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