सालों से आयुर्वेदिक औषधालय बंद

जामताड़ा/कुंडहित : ग्रामीण इलाकों में त्वरित इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से जिले के 19 जगहों पर आयुर्वेदिक औषधालय की नींव रखी गयी थी. लेकिन समुचित सुविधा, चिकित्सक व कर्मियों के अभाव में 17 औषधालय चार सालों से बंद है. जिस कारण प्रखंड के लोगों को देर रात स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती है. ऐसे […]

जामताड़ा/कुंडहित : ग्रामीण इलाकों में त्वरित इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से जिले के 19 जगहों पर आयुर्वेदिक औषधालय की नींव रखी गयी थी. लेकिन समुचित सुविधा, चिकित्सक व कर्मियों के अभाव में 17 औषधालय चार सालों से बंद है. जिस कारण प्रखंड के लोगों को देर रात स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती है. ऐसे में लोगों को निजी क्लिनिक या झोला छाप डॉक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार नारायणपुर व चैनपुर में ही औषधालय संचालित है. वहीं कुंडहित में स्थित औषधालयों में से एक भाड़े के मकान में है. दूसरा पुतुलबोना गांव में है. दोनों लगभग चार साल से बंद है.

औषधालय के मकान मालिक स्वप्न मंडल ने कहा कि तीन वर्ष से मकान का किराया भी नहीं मिला है. ना ही औषधालय खुलता है. पुतुलबोना के ग्रामीण उद्देश्वर मुमरू, कांग्रेस मुमरू, सुनील बास्की ने कहा कि औषधालय जब चालू था, तो ग्रामीणों को दवा, सूई, सलाइन आसानी से मिलता था. ग्रामीणों ने कहा कि गांव से मुख्यालय की दूरी अधिक रहने के कारण ही इस आयुर्वेदिक औषधालयों को बनाया गया था.

क्या कहते हैं जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी

जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी उद्देश्वर प्रसाद नारायण ने कहा कि जिला में कुल 19 आयुष चिकित्सालय है. जिसमें नारायणपुर और चैनपुर छोड़कर चिकित्सक, कर्मी के अभाव में सभी जगह बंद है. चिकित्सकों की बहाली नहीं होने के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा का लाभ से वंचित है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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