काठीकुंड : प्रखंड के नारगंज फॉरेस्ट मोड़ से शिवतल्ला तक दस किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा हैं. पांचवी बार टेंडर निकाले जाने के बावजूद भी संवेदक इस निर्माण कार्य में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. जानकारों की माने तो नक्सल प्रभावित इलाका होने की वजह से संवेदक काम करने से कतराते हैं.
इससे पहले धनकुट्टा से नारगंज होते हुए बोकवा से नुनाडंगाल तक पक्की सडक का निर्माण कार्य रांची के एक संवेदक कंपनी द्वारा करायी जा रही थी पर कंपनी काम को अधूरा छोड. गयी. नक्सल प्रभावित इलाका होने के कारण बडाचापुडिया पंचायत के कई गांव विकास की रोशनी से कोसों दूर हैं. फॉरेस्ट मोड नारगंज से शिवतल्ला के बीच की दूरी लगभग दस किलोमीटर हैं. सडक की स्थिति इतनी दयनीय है कि पूरे दस किलोमीटर में केवल सड.क पर बोल्डर व गड्ढे नजर आते हैं.
लेवी की वजह से सुदूर नक्सल प्रभावित इलाकों में कोई भी संवेदक काम करना नहीं चाहते सड.क निर्माण से आमगाछी, सरूआपानी, बागझोपा, बडा नारगंज, कैरासोल, धनकुट्टा, आसनबनी, बागझोपा, कुलकांठ सहित दर्जन भर से ज्यादा गांवों की दूरी भी प्रखंड मुख्यालय से घटेगी. बडाचापुडिया पंचायत के ग्रामीण कुंदन कुमार, आशीष ठाकुर, भागवत राय, सनातन सोरेन, गोपीन किस्कू, जितन किस्कू, रामेश्वर हेंब्रम, बीरबल राय, हीरामन राय ने कहा कि सडक के निर्माण से काफी सहूलियत होगी.
