पुराना जामजोरिया गांव में विद्यालय नहीं

उपायुक्त ने दिया था आश्वासन : तत्कालीन उपायुक्त कृपानंद झा ने गांव का जायजा लिया था. इस दौरान ग्रामीणों ने उनसे विद्यालय की मांग की थी. उस समय ग्रामीणों को एक माह के अंदर प्राथमिक विद्यालय खोलने का आश्वासन उपायुक्त ने दिया था, लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी गांव को विद्यालय नसीब नहीं […]

उपायुक्त ने दिया था आश्वासन : तत्कालीन उपायुक्त कृपानंद झा ने गांव का जायजा लिया था. इस दौरान ग्रामीणों ने उनसे विद्यालय की मांग की थी. उस समय ग्रामीणों को एक माह के अंदर प्राथमिक विद्यालय खोलने का आश्वासन उपायुक्त ने दिया था, लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी गांव को विद्यालय नसीब नहीं हुआ.
राख में विद्यालय निर्माण की मांग
नाला . प्रखंड क्षेत्र के कुलडंगाल पंचायत के आदिवासी बाहुल गांव राख में विद्यालय नहीं है. इस कारण यहां के बच्चों को उपयुक्त शिक्षा नहीं मिल रही है. बता दें कि 681 आबादी वाले इस गांव में विद्यालय नहीं होने के कारण यहां के बच्चों को दो किलोमीटर दूर कुलडंगाल अथवा भंडारबेडा स्कूल में अध्ययन के लिए जाना पड़ता है. जो कि बच्चों को पढ़ाई के प्रति रुचि व मनोबल घटता जा रहा है. बच्चे अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विद्यालय की स्थापना के लिए कई बार सरकार का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया गया लेकिन कोई पहल नहीं की गयी.
बच्चों के भविष्य के प्रति न जनप्रतिनिधि गंभीर है और न ही सरकारी तंत्र. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्कूल बन जाने से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने के साथ-साथ सभी प्रकार की परेशानियों से निजात भी मिलेगी. ग्रामीण अशोक सोरेन, बासुदेव बेसरा, सुशील मिर्धा, बलराम बास्की, साहेबधन बास्की, मिस्त्री बास्की आदि ने गांव में विद्यालय स्थापना की मांग की है.

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