देशभर में दर्जनों लोगों को बना चुके अपना शिकार
गुप्त सूचना व लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने की छापेमारी
जामताड़ा : बैंक अधिकारी बन देशभर के लोगों से एटीएम का पिन प्राप्त कर उनके बैंक अकाउंट से पैसा उड़ा लेने का धंधा के लिए मशहूर हो चुके जामताड़ा जिले के करमाटांड़ में पुलिस ने सोमवार को छापेमारी कर 10 साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 14 मोबाइल सेट, पांच सिम व बाइक बरामद किये गये हैं.
डुमरिया पर थी नजर
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजबली शर्मा ने बताया कि इनलोगों को पकड़ने के लिए एसपी मनोज कुमार सिंह ने एक टीम गठित की थी. पुलिस काफी दिनों से इन पर नजर रख रही थी. सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर डुमरिया गांव में छापेमारी की गयी. जिस समय छापेमारी की गयी, उस समय ये 10 लोग मोबाइल से साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था. पुलिस के पास कुछ मोबाइल नंबर हाथ लगी थी. उसी की ट्रेस पर ये लोग पकड़ में आये.
कैसे करते हैं साइबर अपराध
ये लोग सबसे पहले दूसरे के नाम से सिम कार्ड लेते है. उसके बाद लोगों से बैंक का अधिकारी बन कर बात करते हैं. लोगों से कहता है कि वो मुंबई एटीएम ऑफिस से बोल रहा है. एटीएम कॉड का वेरिफिकेशन करना है. उसके बाद एटीएम का 16 डिजिट का नंबर मांगा जाता है. 16 डिजिट का नंबर प्राप्त करते ही खाताधारक के खाता से ऑनलाइन मार्केटिंग या मनी ट्रांसफर कर लेता है. एक बार में एक ही मोबाइल सिम का उपयोग करते हैं. ताकि पुलिस मोबाइल के जरिये उन तक न पहुंच पायें.
टीम मेें कौन-कौन थे
पुलिस निरीक्षक बाल्मिकी सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी करमाटांड़ रवि ठाकुर, थाना प्रभारी नारायणपुर सुरेंद्र कुमार, तकनीकी कोषांग के नीतीश कुमार एवं राजेश कुमार सिन्हा सहित पुलिस बल के साथ छापामारी की.
साइबर अपराध का गढ़ माना जाता है करमाटांड़
करमाटांड़ थाना क्षेत्र साइबर अपराधियों का गढ़ माना जाता है. यहां युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है. करमाटांड़ से प्रशिक्षण लेकर अलग-अलग राज्य में साइबर अपराध को अंजाम दिया जाता है. यहां देश के हर कोने से पुलिस आ चुकी है. हर रोज अलग राज्य की पुलिस यहां दस्तक देती है. बताया जाता है कि इनके ग्रुप में लड़कियां भी शामिल हैं. ये लोग हिंदी व अंगरेजी दोनों भाषाओं में काफी अच्छी तरीके से बात करते हैं.
