फतेहपुर . प्रखंड में बच्चों को सही तरह से आयरन गोली नहीं मिलती है. जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10-19 वर्ष के बीच के बच्चों को आयरन गोली देने की व्यवस्था है. इस संबंध में उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक चंद्रशेखर यादव ने बताया कि हमारे विद्यालय में वर्ष 2011-12 तक आयरन गोली नियमित दी जाती थी. इसके बाद से अब तक हमारे विद्यालय में आयरन गोली की दवा बंद है. उत्क्रमित मध्य विद्यालय खिजुरिया के सचिव कईम अंसारी का कहना है कि एएनएम आती है, हस्ताक्षर करती है, चली जाती है, कोई काम नहीं करती है. इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के सीएचसी के बीपीएम विजेंद्र लाल ने बताया कि दवाई उठाने का जिम्मा विद्यालय के सचिवों का है. वे लोग बीआरसी से दवाई उठाये. सभी एएनएम को शक्त निर्देश दिया गया है. महीना के एक बुधवार को विद्यालय जाकर छात्राओं को आयरन गोली खिलाना है.
ओके... स्कूलों में नहीं बंट रही आयरन की गोली
फतेहपुर . प्रखंड में बच्चों को सही तरह से आयरन गोली नहीं मिलती है. जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10-19 वर्ष के बीच के बच्चों को आयरन गोली देने की व्यवस्था है. इस संबंध में उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक चंद्रशेखर यादव ने बताया कि हमारे विद्यालय में वर्ष 2011-12 तक आयरन गोली नियमित दी जाती थी. […]
