पहाडि़यापाड़ा के ग्रामीण लालटेन युग में जीने को विवशखैरबनी गांव चापानल ज्यादातर चापानल खराब स्वास्थ्य सुविधा के लिये एक भी स्वास्थ्य केंद्र नहीं फोटो: 13 जाम 15 गांव, 16,17,18,19 प्रतिक्रिया देते ग्रामीण प्रतिनिधि, बिंदापाथरशिमला डंगाल पंचायत आज भी विकास से कोसों दूर है. इस पंचायत अंतर्गत कुल 16 राजस्व गांव है. स्वास्थ्य सुविधा के लिये एक भी स्वास्थ्य केंद्र नहीं है. शिमलाडंगाल व आसना गांव के पुल निर्माण की मांग ग्रामीण अरसे से करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक पुल बनाने को लेकर किसी ने ध्यान नहीं दिया. वहीं मुरीडीह गांव के पहाडि़यापाड़ा के ग्रामीण लालटेन युग में जीने को विवश हैं. खैरबनी गांव चापानल ज्यादातर चापानल खराब पड़े हैं. इससे से ग्रामीणों को पेयजल के लिये भटकना पड़ रहा है. क्या कहते हैं ग्रामीण आज तक आदिवासियों की दशा और दिशा नहीं सुधरी है. आज भी आदिवासी गांव विकास के लिये तरस रहे हैं.शेलेन हेंब्रमप्रशासन एवं जनप्रतिनिधि गांव के विकास के लिये कोई रुचि नहीं ले रहा है. जिसके कारण गांव के हालात जस की तस बनी हुई है.क्रांति गोस्वामी गांवों के विकास के लिये जनप्रतिनिधि व प्रशासन को कोई मतलब नहीं है. ये लोग सिर्फ अपना विकास करने में ही व्यस्त रहते हैं.हरिपद गोस्वामी पंचायत में स्वास्थ्य की कोई व्यवस्था नहीं है. इस कारण लोगों को ग्रामीण डॉक्टरों के भरोसे रहना पड़ता है. उच्च शिक्षा के लिये यहां एक भी उच्च विद्यालय नहीं है.भोलानाथ सेन
ओके ::: विकास से कोसों दूर शिमलाडंगाल पंचायत
पहाडि़यापाड़ा के ग्रामीण लालटेन युग में जीने को विवशखैरबनी गांव चापानल ज्यादातर चापानल खराब स्वास्थ्य सुविधा के लिये एक भी स्वास्थ्य केंद्र नहीं फोटो: 13 जाम 15 गांव, 16,17,18,19 प्रतिक्रिया देते ग्रामीण प्रतिनिधि, बिंदापाथरशिमला डंगाल पंचायत आज भी विकास से कोसों दूर है. इस पंचायत अंतर्गत कुल 16 राजस्व गांव है. स्वास्थ्य सुविधा के लिये […]
