मिहिजाम : सच्चाई सामने आ ही गयी. चंद्रदीपा जंगल में पुलिस द्वारा बरामद किया गया कंकाल किसी और का नहीं करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सिरिसटांड़ टोला के जगन्नाथपुर गांव की 15 वर्षीय लापता आदिवासी युवती सुमिता सोरेन का है.
पुलिस ने उसके हत्यारे सह कथित प्रेमी परिमल मुमरू को भी पकड़ लिया है. हत्या में परिमल की मदद करने वाल दो अन्य युवक भी पुलिस की गिरफ्त में आ गये हैं. ये दोनों परिमल का ममेरा भाई मोनेश हांसदा तथा मित्र अधीर हांसदा है.
साथ ही जिस बाइक से युवती को लाया गया था वह बाइक भी बरामद कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक परिमल ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. सुमिता की हत्या कर उसके शव को चंद्रदीपा के घने जंगलों में फें क दिया था. सुमिता का परिमल के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. वह उस पर शादी का दबाब बना रही थी, जबकि परिमल पूर्व से शादी शुदा था.
उसका एक बच्चा भी है. पांच अप्रैल की रात्रि परिमल अपने ममेरे भाई मोनेश को एक शादी घर जाने की बात कह कर अपने साथ सुमिता के गांव जगन्नाथपुर ले गया. तय जगह पर घर से निकल कर सुमिता परिमल से मिली और तीनों एक साथ वहां से निकले. इसके पश्चात परिमल उसे अपने रिश्तेदारो के यहां तीन दिनों तक सुमिता को घुमाता रहा. नौ अप्रैल की रात्रि परिमल सुमिता को लेकर चंद्रदीपा के जंगलों में अकेले पहुंचा. जहां उसने घटना को अंजाम दिया.
क्या था मामला
सुमिता पिछले 24 दिनों से लापता थी. मामले की छानबीन के क्रम में युवती के परिजनों के साथ गुरूवार को मिहिजाम व करमाटांड पुलिस ने गांव के जंगलों में छानबीन की और लोगों से पूछताछ के बाद एक घने जंगल से कंकाल के कई टुकड़े बरामद किए है. मौके से लापता युवती के फटे कपड़े की पहचान परिजनों ने की है जिसके बाद इस आशंका को बल मिला कि युवती की हत्या कर लाश अन्यत्र कही फेंक दी गयी है.
करमाटांड की 15 वर्षीय छात्र सुमिता सोरेन पिता रूपाय सोरेन पांच अप्रैल की रात घर से बिना बताये निकली.सुमिता के पास खुद का मोबाइल फोन भी था. घरवालों ने काफी खोजबीन की लेकिन वह नहीं मिली. उसका फोन भी बंद मिल रहा था. इसके बाद थाने में परिजनों ने शिकायत की. पुलिस ने गुरुवार को चंद्रदीपा के जंगल से कंकाल बरामद किया था.
