परिवहन विभाग ने चितरा प्रबंधन को भेजा नोटिस, कहा
जामताड़ा : चितरा प्रबंधन द्वारा जर्जर डंपरों से कोयला ढोये जाने पर जामताड़ा का जिला प्रशासन अब गंभीर हो गया है. जिला परिवहन पदाधिकारी विजय गुप्ता ने एक नोटिस जारी करते हुए कहा है कि यदि चितरा प्रबंधन इन जर्जर डंपरों से कोयला ढोना बंद नहीं करती है तो इसीएल के चितरा जीएम व इसीएल के सीएमडी पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.
कई बार प्रबंधन को इसके लिए अगाह किया जा चुका है लेकिन कोई पहल नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चितरा कोलियरी से कोयला लेकर आने वाले डंपर जर्जर हो चुके हैं, जो चलने लायक नहीं हैं. फिर भी उसे चलाया जा रहा है. वहीं इन डंपरों से आम लोगों के साथ साथ वातावरण पर भी असर पड़ रहा है. जिसे जिला परिवहन विभाग बरदाश्त नहीं करेगा.
बीमारी के शिकार हो रहे लोग
चितरा से जामताड़ा आने के रास्ते में सैकड़ों घर सड़क के बिल्कुल किनारे हैं. इन डंपरों के गुजरने के कारण पूरा घर धूल से भर जाता है. अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग कितनी प्रदूषित हवा सांस लेते होंगे. इस कारण लोग बीमार हो रहे हैं.
250 डंपर जर्जर
मिली जानकारी के अनुसार चितरा कोलियरी से आने वाले करीब 250 डंपर जर्जर अवस्था में हैं. हर रोज इन पर आवश्यकता से अधिक कोयला लाद कर जामताड़ा रेलवे साइडिंग पर लाया जाता है. ये धुआं छोड़ते व धूल उड़ाते हुए आते हैं. इससे वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है. लेकिन डंपर मालिकों को इससे कोई लेना नहीं है.
प्रदूषित धुआं श्वास के द्वारा शरीर के अंदर प्रवेश करने से टीवी, दम्मा, श्वास की बीमारी हो सकती है. थोड़ी भी शिकायत होने पर लोगों को चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए.
डॉ राजदेव, चिकित्सक.
