कुंडहित : विकास भवन में गुरुगोष्ठी की बैठक की गयी. बैठक में 80 फीसदी बच्चों की उपस्थिति मध्याहन भोजन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बंगला किताब तथा पोशाक के विपत्र पर समीक्षा की गयी. मातृभाषा बंगला किताब और उपायुक्त के निर्देश पर विद्यालयों में 80 फीसदी बच्चों की उपस्थिति को लेकर शिक्षकों ने हंगामा शुरू किया.
कहा कि विद्यालय में बच्चों की 80 फीसदी उपस्थिति तभी संभव है जब शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यो से हटाया जाय. किसी-किसी विद्यालय में शिक्षक और बंगला किताब के कारण विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति बढ़ने की जगह कम हो रही है. मुडाबेडिया मवि के शिक्षक ने कहा कि उनका विद्यालय बंगाल सीमा पर स्थित है. जहां मात्र 300 मीटर की दूरी पर बंगाल का विद्यालय है. वहां बच्चों को बंगला किताब मांग के अनुरूप मिल जाता है.
इसलिए मुडाबेडिया मवि से बच्चों का पलायन होता है. वहीं बागडेहरी प्रावि के शिक्षक समीर बंदोपाध्याय ने कहा कि उनके विद्यालय में 187 बच्चे हैं और 2009 से एकल शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं. कहा कि विद्यालय संचालन के साथ-साथ कार्यालय रिपोर्ट को देखना पड़ता है. ऐसी स्थिति में बच्चों की उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रभावित होती है. कुछ शिक्षकों ने सरकारी किताब पर व्यंग करते हुए कहा कि पांचवीं कक्षा की किताब में बच्चों को पांचवें वर्ग जैसी शिक्षा नहीं मिलती है.
किताब न तो भागा, भिन्न, प्रतिशत है जिससे बच्चों को बुनियादी शिक्षा से वंचित रहना पड़ता है. वहीं प्राइवेट विद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ग एक के बच्चों के पास स्टेंडर्ड किताब होती है. जिससे बुनियादी शिक्षा मजबूत होती है. मौके पर बीइओ स्वपन कुमार मंडल, बीपीओ अजीत प्रसाद, शिक्षक नेता केएन झा, शांतिमय माजी, स्वपन मंडल, मानिक चंद्र मंडल उपस्थित थे.
