केंदपाड़ा गांव में एक अदद सड़क भी नहीं

जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों की भी नहीं हो पायी है नजरें इनायतबच्चे स्कूल जाने से घबराते हैं.प्रतिनिधि, नाला पहाड़ की तलहटी पर बसा आदिवासी गांव आज भी विकास के इस दौर में भी कोसों दूर है. चकनयापाड़ा पंचायत अंतर्गत यह आदिवासी गांव सड़क, स्वास्थ्य, बिजली व पेयजल आदि आधारभूत सुविधाओं से वंचित है. सरकार […]

जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों की भी नहीं हो पायी है नजरें इनायतबच्चे स्कूल जाने से घबराते हैं.प्रतिनिधि, नाला पहाड़ की तलहटी पर बसा आदिवासी गांव आज भी विकास के इस दौर में भी कोसों दूर है. चकनयापाड़ा पंचायत अंतर्गत यह आदिवासी गांव सड़क, स्वास्थ्य, बिजली व पेयजल आदि आधारभूत सुविधाओं से वंचित है. सरकार के दावे और जनप्रतिनिधि के वादे सभी इस गांव तक पहुंचने के पूर्व ही दम तोड़ देते हैं. आदिवासी गांव प्रखंड मुख्यालय से महज 10 किमी दूर है. इस गांव में कुल 50 घर है. सभी लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजर-बसर कर रहे हैं. गांव से विद्यालय की दूरी लगभग दो किमी है. नन्हें बच्चे विद्यालय जाने से कतराते हैं. यहां बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर आदि लगवाये गये थे परंतु एक महीने के बाद ही खराब हो गया. इस संबंध में उपमुखिया उज्ज्वल पाल को भी जानकारी दी गयी है. उन्होंने कहा कि समस्या प्रखंड एवं जिला से संंबंधित है. इस बारे मंे उच्चाधिकारी को अवगत कराया गया है. श्री पाल ने कहा कि पंचायत का आवंटन से यथा संभव कार्य कराया जायेगा. ग्रामीण अजीत कुमार टुडू, सुनील किस्कू, गोविंद किस्कू, बाबुश्वर किस्कू, प्रमानंद टुडू, हीरालाल टुडू आदि समस्त ग्रामीणों ने गांव तक सड़क, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र की मांग की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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