महज 820 को ही मिला रोजगार

15 साल पुराने जिला नियोजनालय की उपयोगिता पर सवालजामताड़ा : जिला नियोजनालय पर सरकार लाखों खर्च कर रही है. इसके बावजूद वह बेरोजगारों को रोजगार दिलाने में असफल साबित हो रहा है. इससे नियोजनालय की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं. आंकड़ों पर गौर करें, तो पता चलता है नियोजनालय खानापूर्ति कर रहा है. इससे […]

15 साल पुराने जिला नियोजनालय की उपयोगिता पर सवाल
जामताड़ा : जिला नियोजनालय पर सरकार लाखों खर्च कर रही है. इसके बावजूद वह बेरोजगारों को रोजगार दिलाने में असफल साबित हो रहा है. इससे नियोजनालय की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं.

आंकड़ों पर गौर करें, तो पता चलता है नियोजनालय खानापूर्ति कर रहा है. इससे रजिस्ट्रेशन कराने वाले बेरोजगार के हाथ कुछ नहीं आ पाता है.

11 हजार जॉब कार्ड बने

जिला नियोजनालय ने वर्ष 1998 से 2013 तक करीब 11 हजार जॉब कार्ड ही बना पाया है. इसमें से अबतक सरकारी विभाग में करीब 20 लोगों को ही रोजगार से जोड़ा गया. जबकि गैर सरकारी क्षेत्र में अब तक करीब 800 लोगों को रोजगार मुहैया करायी गयी है.

कभी-कभी आते हैं पदाधिकारी

विभाग के पदाधिकारी को तीन जिले जामताड़ा, लोहरदगा व रांची का प्रभार दिया गया है. इस कारण कभी-कभी ही पदाधिकारी यहां आते हैं. स्थिति यह है कि जरूरी काम होने पर कर्मचारी रांची जाकर काम कराते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >