जामताड़ा : पिछली कुछ वर्षो से उग्रवादी जामताड़ा जिले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं. उग्रवादियों के लिए यह जिला सेफ जोन में आता है. जामताड़ा जिला गिरीडीह, धनबाद तथा पश्चिम बंगाल के वीरभूम व वर्धमान जिले की सीमा से सटा हुआ है, जो उग्रवाद प्रभावित है.
इस कारण समय समय पर नक्सली अपनी उपस्थिति दिखाते रहे हैं. वर्ष 2007 के 27 अगस्त में भी देवलबाड़ी पुलिस पिकेट भवन को उड़ा दिया था. इसमें काफी नुकसान भी हुआ था. इसी वर्ष 2013 में भी कुंडहित थाना क्षेत्र के बाबुपुर से तीन एवं नारायणपुर से एक महिला नक्सली को गिरफ्तार भी किया गया है. नक्सली घटना कुछ दिनों से शांत थी लेकिन बुधवार को नारायणपुर थाना क्षेत्र के बराकर नदी के पास नक्सलियों ने अपनी उपस्थिति को ताजा कर दिया.
