परिसदन में पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने कार्यकर्ताओं संग की बैठक
2019 की लोस व विस चुनाव की तैयारी करने का दिया निर्देश
बालू घाटों को बाहरी कंपनी को नीलाम करने का लगाया आरोप
जामताड़ा : रघुवर सरकार अच्छे काम के लिए नहीं बल्कि बुरे कामों के लिए जानी जायेगी. रघुवर दास की सरकार ने पिछले तीन सालों में कुछ भी काम नहीं किया है. सब काम इनके सरकार ने बुरे किये हैं. उक्त बातें मंगलवार को जामताड़ा परिसदन में पत्रकार से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सह झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कही. उन्होंने कहा कि झारखंड बनने से यहां के लोगों को कुछ भी लाभ नहीं मिला है. सरकार ने बालू घाटों को बाहरी के हाथों बेच दी है.
अब पहाड़ एवं पत्थर को भी बाहरी कंपनी के हाथों नीलाम कर रही है. इससे झारखंड के गरीबों को क्या फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा कि झाविमो शुरू से ही मांग कर रही थी कि झारखंड में नगर निकाय का चुनाव दलीय आधार पर हो. राज्य में दो बार भाजपा के शासन काल में ही नगर निकाय का चुनाव हुआ है, लेकिन सरकार अभी तक दलीय आधार को लागू क्यों नहीं कर रही है. बता दें कि झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी परिसदन में कार्यकर्ताओं से भी बातचीत की. इस दौरान वे कार्यकर्ताओं की समस्याओं से अवगत हुए. कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में अच्छे तरह से काम करने का निर्देश दिया. 2019 में लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव की तैयारी मजबूती से करने का निर्देश दिया.
मौके पर जिलाध्यक्ष प्रो सुनील कुमार हांसदा, केंद्रीय समिति के सदस्य डॉ अब्दुल मन्नान अंसारी, कार्तिक रजक, पवित्र महता सहित अन्य लोग उपस्थित थे. उधर मिहिजाम में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में झाविमो सुप्रीमो सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में कोई किसी का सुनने वाला नहीं है. सरकार पूंजीपतियों के हित में चल रही है. सरकार ने इस प्रकार के कानून बनाये हैं कि लोगों को अपनी जमीन से बेदखल होना पड़ रहा है. जमीन का अधिग्रहण कारपाेरेट घराने को लाभ देने के लिए किया जा रहा है. 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून का सोशल ऑडिट के प्रावधान को ही समाप्त कर दिया गया है.
इतना ही नहीं जितनी गैर मजरूआ जमाबंदी जमीन है उसे रद्द कर लैंड बैंक में रख दिया गया है. उनके जमीन से बेदखल करने का काम इस सरकार ने किया है. यह सरकार अपनी जमीन पर हक मागने वाले किसानों पर लाठी चलवाती है. बिजली राज्य में पैदा होगी और वह बांग्लादेश में बिकेगी यहां कोई किसी का सुनने वाला नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड निर्माण का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है. 17 वर्षों में गठित राज्यों में से सबसे ज्यादा राजनीतिक प्रयोग झारखंड में हुए है. सरकार लोगो को यह नहीं बता रही है कि वर्ष 2014 से लेकर 2018 तक क्या काम किया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया के बाजारों में पेट्रोलियम की कीमत कम है लेकिन भारत के बाजारों में इसकी कीमत ज्यादा है.
चुनाव की तैयारी करने का दिया निर्देश
नगर के अयुर बगान में आहूत सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री ने 15 दिसंबर तक नगर क्षेत्र एवं ग्राम, प्रंखड, पंचायत समिति के गठन का निर्देश दिया. साथ ही 16 जनवरी से फरवरी तक राज्य के प्रत्येक दो जिलों में एक कार्यकर्ता सम्मेलन आहूत होने की जानकारी दी. कहा कि पहला सम्मेलन दुमका एवं देवघर जिले में होगा. कार्यकर्ताओं से विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया. सम्मेलन में जिलाध्यक्ष प्रो सुनील सोरेन, केंद्रीय समिति सदस्य पुष्पा सोरेन, दुलाल राय, जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष गुलशन बानो, मिहिजाम नगर अध्यक्ष कारू यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद थे.
